महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों ने पीएम-किसान योजना का दायरा बढ़ाने की मांग की
महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों ने पीएम-किसान योजना का दायरा बढ़ाने की मांग की
नासिक, चार जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों ने शनिवार को केंद्र और राज्य सरकार से पीएम-किसान और नमो शेतकरी योजनाओं का दायरा बढ़ाने की अपील की, ताकि उन पात्र किसानों को भी इसमें शामिल किया जा सके, जिन्होंने 2019 की तय समयसीमा के बाद खरीद या विरासत के जरिए खेती की जमीन हासिल की है।
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने कहा है कि उत्पादन का पूरा खर्च उठाने वाले असली किसानों को गलत तरीके से बाहर रखा जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर अधिकारियों ने तुरंत पात्रता नियमों में बदलाव नहीं किया और इन किसानों को रुकी हुई सभी आर्थिक सहायता जारी नहीं की, तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा।
संघ ने एक बयान में मांग की कि 2019 के बाद खरीद, विरासत या पारिवारिक बंटवारे के जरिए जमीन हासिल करने वाले सभी पात्र किसानों को केंद्र सरकार की योजना ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (पीएम-किसान) और राज्य सरकार की योजना ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि’ के दायरे में लाया जाए।
इसमें पात्र लाभार्थियों को सभी बकाया किस्तों का भुगतान करने, मुख्य पात्रता मानदंड के तौर पर ‘असली खेती करने वाले’ को अपनाने और छूट गए किसानों की पहचान करने के लिए एक विशेष पंजीकरण और सत्यापन अभियान चलाने की भी मांग की गई।
संघ ने कहा कि वह केंद्र, राज्य सरकार और संबंधित विभागों को अपनी मांगें औपचारिक रूप से सौंपेगा और चेतावनी दी कि अगर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
संघ के संस्थापक अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि पात्रता के नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए, ताकि हर असली किसान को दोनों योजनाओं का लाभ मिल सके और पात्र किसानों को रुकी हुई सभी किस्तें भी जारी की जानी चाहिए।
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप

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