विभाजन इसलिए हुआ, क्योंकि ‘हिंदू भाव’ को भुला दिया गया : मोहन भागवत

विभाजन इसलिए हुआ, क्योंकि ‘हिंदू भाव’ को भुला दिया गया : मोहन भागवत

विभाजन इसलिए हुआ, क्योंकि ‘हिंदू भाव’ को भुला दिया गया : मोहन भागवत
Modified Date: February 7, 2026 / 08:25 pm IST
Published Date: February 7, 2026 8:25 pm IST

मुंबई, सात फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भगवत ने शनिवार को कहा कि भारत का विभाजन इसलिए हुआ, क्योंकि “हिंदू भाव” को भुला दिया गया था।

मुंबई में ‘संघ की 100 साल की यात्रा : नये क्षितिज’ कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को संवाद के बिना नहीं समझा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि “स्वदेशी” आवश्यक है, लेकिन वैश्विक निर्भरता भी जरूरी है और ऐसी निर्भरता “टैरिफ (शुल्क)” से प्रेरित नहीं होनी चाहिए।

भागवत ने कहा, “धर्म के कारण विभाजन हुआ। हमने कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, क्योंकि हम हिंदू हैं। कुछ लोग कहते हैं कि यह गलत था। भारत में इस्लाम और ईसाई धर्म आज भी मौजूद हैं। झड़पें होती हैं, लेकिन देश एकजुट रहा है… ‘हिंदू भाव का विस्मरण’ भारत के विभाजन का कारण बना।”

संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करना बंद कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हिंदुत्व को अपनाकर आप कुछ भी नहीं गंवाते, न तो अपनी धार्मिक प्रथा और न ही अपनी भाषा। हिंदुत्व आपकी सुरक्षा की गारंटी है।”

भाषा पारुल रंजन

रंजन


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