पुणे कारोबारी हत्याकांड: सिया के बैठने का संकेत उसकी सुरक्षा के लिए भी था, पुलिस का दावा

पुणे कारोबारी हत्याकांड: सिया के बैठने का संकेत उसकी सुरक्षा के लिए भी था, पुलिस का दावा

पुणे कारोबारी हत्याकांड: सिया के बैठने का संकेत उसकी सुरक्षा के लिए भी था, पुलिस का दावा
Modified Date: June 28, 2026 / 11:25 pm IST
Published Date: June 28, 2026 11:25 pm IST

(संदीप कोल्हटकर)

पुणे, 28 जून (भाषा) पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल कथित तौर पर न केवल अपने प्रेमी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले से केतन को धक्का देने का संकेत देने के लिए बैठी थी, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि धक्का दिए जाने के दौरान वह खुद केतन की पहुंच से दूर रहे। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी ने भी वारदात से पहले पूरी तैयारी की थी। वह ऐतिहासिक स्थल तक स्कूटर से गया, क्योंकि उसे आशंका थी कि यदि वह कार से जाता तो टोल प्लाजा के रिकॉर्ड के जरिए उसकी पहचान हो सकती है।

इसने बताया कि 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी को 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले से उसे खाई में धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि योजना के अनुसार सिया गोयल को बैठकर संकेत देना था, जिसके बाद चेतन चौधरी पीछे से आकर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दे देता। अधिकारी के अनुसार, दोनों ने इस योजना को सटीकता के साथ अंजाम दिया।

दोनों ने तय किया था कि सिया या तो पानी पीने के बहाने या जूते के फीते बांधने के बहाने बैठेगी और उसका बैठना ही चेतन के लिए हमला करने का संकेत होगा।

पुलिस के अनुसार, यह तरीका सिया गोयल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर भी अपनाया गया था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘बैठकर संकेत देने का तरीका जानबूझकर चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के समय सिया केतन की पहुंच से बाहर रहे। दोनों को आशंका थी कि यदि चेतन, केतन को धक्का देता और गिरते समय केतन सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए पूरी योजना उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।’’

जांच में यह भी सामने आया कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी मौजूदगी छिपाने के लिए विशेष सावधानी बरती।

पुलिस के अनुसार, वह 18 जून को पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित लोहागढ़ किले तक कार के बजाय स्कूटर से गया, ताकि टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उसकी कार का पता न चल सके। पुलिस ने वह स्कूटर जब्त कर लिया है।

अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद चेतन उसी स्कूटर से पुणे लौट गया।

जांच में यह भी पता चला कि किले पर पहुंचने के बाद उसने अपना हुलिया बदल लिया था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘वह किले पर हुडी पहनकर चढ़ा, बाद में उसे उतारकर उसने काली टी-शर्ट पहन ली और लौटते समय फिर से हुडी पहन ली। पुलिस का मानना है कि ऐसा पहचान छिपाने के लिए किया गया।’’

उन्होंने बताया कि रविवार को पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले ले गई, जहां डमी की मदद से घटना को दोहराया गया। इसका उद्देश्य 18 जून की घटना के क्रम की पुष्टि करना था।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वारदात से पहले वे किले पर उपयुक्त स्थान चुनने और अभ्यास करने भी गए थे। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगा रही है कि उन्होंने अभ्यास किस अन्य स्थान पर किया था।

अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। उन्हें अदालत में पेश कर आगे की पुलिस हिरासत मांगी जाएगी। वहीं, शनिवार को पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई से भी लंबी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।

भाषा

राखी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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