राउत ने पावस्कर पर बाल ठाकरे का अपमान करने का आरोप लगाया

राउत ने पावस्कर पर बाल ठाकरे का अपमान करने का आरोप लगाया

राउत ने पावस्कर पर बाल ठाकरे का अपमान करने का आरोप लगाया
Modified Date: June 23, 2026 / 10:46 pm IST
Published Date: June 23, 2026 10:46 pm IST

मुंबई, 23 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के नेता किरण पावस्कर पर बालासाहेब ठाकरे का अपमान करने का आरोप लगाया। हालांकि, पावस्कर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह अब भी दिवंगत नेता की विचारधारा का अनुसरण करते हैं।

पावस्कर ने शिवसेना प्रमुख शिंदे और शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे के काम करने के तरीकों में अंतर भी बताया।

राउत और पावस्कर के बीच यह बहस सोमवार को शिवसेना (उबाठा) के छह सांसदों के सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने के कार्यक्रम में पावस्कर की टिप्पणियों के कारण शुरू हुई।

इस कार्यक्रम के दौरान, पावस्कर ने उद्धव के अपने बेटे आदित्य ठाकरे के लिए समर्थन मांगने वाले बयानों और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सांसद श्रीकांत शिंदे द्वारा उनके खेमे में शामिल होने वाले पार्टी नेताओं के प्रति अपनाए गए रवैये की तुलना की।

पावस्कर की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, राउत ने शिंदे गुट पर पार्टी के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की बातों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया, जबकि वह उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का दावा करते हैं।

उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना ने कल्याणकारी पहल शुरू की थीं, जैसे- तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी की सरकार के समय ‘मातोश्री’ वृद्धाश्रम योजना। उन्होंने कहा कि क्रेच और वृद्धाश्रम चलाना मानवता का काम है।

राउत ने पार्टी के छह सांसदों के शामिल होने के दौरान पवारस्कर की टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई।

यह बयानबाज़ी तब शुरू हुई, जब शिवसेना (उबाठा) के छह लोकसभा सदस्य शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम ने बालासाहेब ठाकरे की विरासत पर दावा करने वाले विरोधी गुटों के बीच राजनीतिक लड़ाई को और तेज कर दिया।

इस बीच, शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री उदय सामंत ने पार्टी को इस विवाद से अलग करने की कोशिश करते हुए कहा कि पावस्कर की टिप्पणियों का पार्टी के आधिकारिक रुख से कोई लेना-देना नहीं है और हो सकता है कि उन्होंने ये बातें भावुक होकर कही हों।

भाषा सुरेश पारुल

पारुल


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