‘राजा शिवाजी’ के लिए दशक भर संघर्ष किया : रितेश देशमुख

‘राजा शिवाजी’ के लिए दशक भर संघर्ष किया : रितेश देशमुख

‘राजा शिवाजी’ के लिए दशक भर संघर्ष किया : रितेश देशमुख
Modified Date: May 6, 2026 / 03:40 pm IST
Published Date: May 6, 2026 3:40 pm IST

( फाइल फोटो सहित )

( कोमल पंचमटिया )

मुंबई, छह मई (भाषा) अभिनेता-फिल्मकार रितेश देशमुख के लिए अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को बनाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक लंबा इंतजार अंततः रंग लाया और यह फिल्म “बेहतर” बनी।

एक मई को रिलीज हुई यह ऐतिहासिक फिल्म मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित है। देशमुख ने इसमें शीर्ष भूमिका निभाने के साथ-साथ पटकथा का सह-लेखन और निर्देशन भी किया है।

फिल्म की घोषणा 2016 में हुई थी, लेकिन बाद में यह ठप पड़ गई। 2019 में इसे फिर शुरू किया गया, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे 2023 तक टालना पड़ा, जब देशमुख ने इसके लिए “आखिरी कोशिश” करने का फैसला किया।

प्रसिद्ध निर्देशकों रवि जाधव और नागराज मंजुले के नाम इस परियोजना से जुड़े थे, लेकिन अंततः देशमुख ने खुद इसके निर्देशन की भी जिम्मेदारी संभाली।

देशमुख ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, “यह दस साल का सफर काफी लंबा था। कई बार इसे छोड़ दिया गया, लेकिन फिर मन बदल जाता था। अगर यह 2016 में बनती, तो यह फिल्म कुछ और होती। 2023 में शुरू होने से दृष्टिकोण बदला और हमने इसे ज्यादा भव्य और महत्वाकांक्षी बनाने का फैसला किया।”

उन्होंने कहा कि समय के साथ यात्रा का स्वरूप बदला और अब फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया से वह अभिभूत हैं।

देशमुख ने कहा कि देरी फिल्म के लिए कारगर रही। उन्होंने अपनी पत्नी और फिल्म में सह-अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा को भी श्रेय दिया, जिन्होंने फिल्म का निर्माण करने के साथ-साथ इसे भव्य मराठी-हिंदी द्विभाषी फिल्म बनाने में योगदान दिया।

फिल्म में संजय दत्त अफजल खान की भूमिका में, अभिषेक बच्चन संभाजी शाहजी भोंसले की भूमिका में, विद्या बालन बड़ी बेगम की भूमिका में और सलमान खान एक छोटे किरदार में नजर आते हैं।

देशमुख ने बताया कि जियो स्टूडियोज और ज्योति देशपांडे के समर्थन के बाद जेनेलिया ने सुझाव दिया कि हिंदी फिल्म उद्योग के कलाकारों को भी जोड़ा जाए, ताकि फिल्म का दायरा और व्यापक हो सके।

उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज पर फिल्म बनाना बड़ी जिम्मेदारी थी और इसकी पटकथा तैयार करने में लगभग दो साल लगे। यह फिल्म कई ऐतिहासिक पुस्तकों जैसे ‘वेध महामानवाचा’, ‘श्री राजा शिवछत्रपति’, ‘शिवचरित्र’ और ‘श्री शिवभारत’ आदि के आधार पर तैयार की गई है।

देशमुख ने कहा कि यह किसी एक किताब पर आधारित नहीं है, बल्कि विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं को जोड़कर एक ऐसी कथा बनाई गई है, जो शिवाजी महाराज के सम्मान को बनाए रखते हुए उनके जीवन को दर्शाती है।

उन्होंने शिवाजी महाराज को अपने बचपन का “सुपरहीरो” बताया और कहा कि उनकी विरासत पीढ़ियों से उनके परिवार में चली आ रही है।

फिल्म को कलाकारों के बेहतरीन अभिनय और भावनात्मक गहराई के लिए सराहा जा रहा है, हालांकि कुछ तकनीकी पहलुओं, विशेषकर विजुअल इफेक्ट्स को लेकर आलोचना भी हुई है।

इस पर देशमुख ने कहा, “हर फिल्म सभी की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकती। मैं आलोचना को सकारात्मक रूप से लेता हूं, यह सीखने का बड़ा अवसर है।”

फिल्म के सीक्वल को लेकर अटकलों के बीच उन्होंने कहा कि शुरुआत में इसे तीन फिल्मों की त्रयी के रूप में सोचा गया था, लेकिन फिलहाल दूसरे या तीसरे भाग की कोई ठोस योजना नहीं है।

फिल्म में महेश मांजरेकर, सचिन खेडेकर, बमन ईरानी, भाग्यश्री, फरदीन खान, अमोल गुप्ते और जितेंद्र जोशी सहित कई कलाकार हैं।

“राजा शिवाजी” ने मराठी और हिंदी दोनों संस्करणों में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अब तक 48.60 करोड़ रुपये की कमाई की है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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