महाराष्ट्र विधान भवन को बम की धमकी के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी: जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला
महाराष्ट्र विधान भवन को बम की धमकी के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी: जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला
मुंबई, 12 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र विधान भवन और मुंबई के अन्य प्रमुख स्थानों पर ‘‘मिसाइल और बम हमलों’’ की धमकी वाले एक ईमेल के बाद बृहस्पतिवार को सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। बम की धमकी मिलने के बाद अधिकारियों ने जारी बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। हालांकि जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने बताया कि सुबह छह बजकर 57 मिनट पर विधानसभा के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर प्राप्त ईमेल में विधान भवन परिसर, बंबई स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई उच्च न्यायालय, मुंबई मेट्रो और एक बैंक पर संभावित हमलों का जिक्र था।
शिंदे ने विधान भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि धमकी भरे ईमेल का संबंध खालिस्तान समर्थकों से हो सकता है, लेकिन इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, फर्जी ईमेल के बाद परिसर को लगभग 40 मिनट के लिए बंद कर दिया गया और पूरे परिसर की जांच के लिए बीडीडीएस की एक नयी टीम तैनात की गई।
उन्होंने बताया कि मानक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत परिसर की आमतौर पर सुबह छह बजे से आठ बजे के बीच जांच की जाती है, जबकि बम का पता लगाने वाली टीम और खोजी कुत्ते की टीम एहतियाती उपाय के रूप में पूरे परिसर की दैनिक जांच करते हैं।
हालांकि, ईमेल पर सुबह बाद में ध्यान गया और इसलिए पूरे क्षेत्र की दोबारा जांच करने के लिए परिसर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया।
तलाशी के बाद पुलिस ने कहा कि विधानमंडल परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला और प्रारंभिक जांच से पता चला कि धमकी अफवाह थी। अधिकारियों ने बताया कि बम का पता लगाने वाले और उसे निष्क्रिय करने वाले दस्ते (बीडीडीएस) ने बाद में परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया।
मानक प्रक्रिया के अनुसार, विधान भवन के अधिकारियों ने मरीन ड्राइव थाने में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
विधानसभा और विधान परिषद का भवन दक्षिण मुंबई के नरीमन प्वॉइंट में स्थित है। बजट सत्र 23 फरवरी को शुरू हुआ था और 25 मार्च को समाप्त होगा। विधानसभा का शीतकालीन सत्र नागपुर में आयोजित किया जाता है।
शिंदे ने कहा कि ईमेल में संभावित ‘‘मिसाइल और बम हमलों’’ का जिक्र किया गया है। यह ईमेल ऐसे समय में आया है जब राज्य विधानमंडल का बजट सत्र जारी है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस स्तर पर और अधिक जानकारी देना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद और अधिक जानकारी साझा की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ईमेल मिलते ही बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाली टीम ने विधानमंडल परिसर में तुरंत विस्तृत तलाशी अभियान शुरू कर दिया।’’
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि परिसर को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के जरिये मिली थी। सूचना मिलते ही तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दक्षिण मुंबई स्थित विधानसभा परिसर से कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
एहतियात के तौर पर सभी अधिकारी और कर्मचारी परिसर के बाहर एकत्रित हो गए, जबकि मुंबई पुलिस के बीडीडीएस सहित सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की।
अधिकारियों ने बताया कि गृह विभाग और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहीं और धमकी भरा ईमेल भेजने वाले का पता लगाने तथा उसकी पहचान करने के लिए जांच जारी है।
इस बीच, विपक्षी दल शिवसेना (उबाठा) के विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) मिलिंद नार्वेकर ने खतरे की आशंका के मद्देनजर सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित करने और पूरे भवन की गहन जांच की मांग की।
विधान परिषद में इस मामले को उठाते हुए शिवसेना (उबाठा) के सदस्य अनिल परब ने कहा कि सरकार को इस पर बयान देना चाहिए और सदन को स्थिति से अवगत कराना चाहिए।
परब ने कहा, ‘‘किसी भी मंत्री ने बयान नहीं दिया है। सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। विधान भवन एक ऐसा स्थान है, जहां राज्य की 12 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले 350 विधायक जुटते हैं। यदि (यहां) ऐसा है, तो सरकार आम आदमी की सुरक्षा के मुद्दों को गंभीरता से कैसे लेगी?’’
विधान परिषद के सभापति शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।
शिंदे ने सरकार को शाम तक इस मामले पर बयान जारी करने का निर्देश भी दिया।
भाषा आशीष सुरेश
सुरेश

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