शिवाजी पुस्तक विवाद : महाराष्ट्र के मंत्री ने शिवसेना विधायक की टिप्पणियों की निंदा की

शिवाजी पुस्तक विवाद : महाराष्ट्र के मंत्री ने शिवसेना विधायक की टिप्पणियों की निंदा की

शिवाजी पुस्तक विवाद : महाराष्ट्र के मंत्री ने शिवसेना विधायक की टिप्पणियों की निंदा की
Modified Date: April 28, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: April 28, 2026 10:17 pm IST

मुंबई, 28 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र सरकार में मंत्री विखे पाटिल ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित एक पुस्तक को लेकर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ की कथित अपमानजनक टिप्पणियों की मंगलवार को कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किताब को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करने के बराबर है।

पाटिल ने कहा कि शिवसेना विधायक को ऐसी “भ्रामक टिप्पणियां” नहीं करनी चाहिए, जिनसे सरकार के साथ-साथ उनकी पार्टी की भी बदनामी हो।

गायकवाड़ की पार्टी महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति का हिस्सा है।

पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें गायकवाड़ को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता गोविंद पानसरे की लिखी किताब ‘शिवाजी कोण होता’ का जिक्र करते और इसके शीर्षक को लेकर प्रकाशक प्रशांत अंबी को धमकाते तथा उनके खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है। यह किताब मूल रूप से 1988 में प्रकाशित की गई थी।

पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, “जब कॉमरेड पानसरे की (2015 में) हत्या हुई थी, तब हम कोल्हापुर गए थे और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की थी। गायकवाड़ को पानसरे का रुख समझना होगा। अपशब्दों का इस्तेमाल करना छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करने के बराबर है।”

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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