विजय को समर्थन देना भाजपा के ‘लोकतंत्र विरोधी रवैये’ का मुकाबला करने की जरूरत से प्रेरित: सपकाल

विजय को समर्थन देना भाजपा के ‘लोकतंत्र विरोधी रवैये’ का मुकाबला करने की जरूरत से प्रेरित: सपकाल

विजय को समर्थन देना भाजपा के ‘लोकतंत्र विरोधी रवैये’ का मुकाबला करने की जरूरत से प्रेरित: सपकाल
Modified Date: May 8, 2026 / 06:09 pm IST
Published Date: May 8, 2026 6:09 pm IST

मुंबई, आठ मई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन देने के पार्टी के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ लोकतांत्रिक ताकतों को मजबूत करने की आवश्यकता से प्रेरित है।

अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा की 234 में से 108 सीट पर जीत हासिल की।

कांग्रेस ने पांच सीट पर जीत दर्ज की और चार मई को परिणाम घोषित होने के बाद से सरकार गठन में गतिरोध के बीच विजय को समर्थन देने की घोषणा करने वाली पहली पार्टी बन गयी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व का मानना ​​है कि गठबंधन के फैसले केवल चुनावी गणित के नजरिए से नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के व्यापक उद्देश्य के नजरिए से देखे जाने चाहिए।

सपकाल ने इस आरोप को खारिज कर दिया कि कांग्रेस ने दक्षिणी राज्य में विधानसभा चुनावों में सहयोगी रही द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को धोखा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कांग्रेस ने द्रमुक का समर्थन भी किया होता तो भी तमिलनाडु में सरकार बनने की कोई संभावना नहीं थी।

कांग्रेस नेता ने कहा, “हम द्रमुक के साथ गठबंधन में थे लेकिन लंबे समय तक हमें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। तमिलनाडु में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की ओर से एक व्यापक विपक्षी मोर्चे की मांग थी। कांग्रेस नेतृत्व का मानना ​​था कि संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा के व्यापक हित में पुराने सहयोगियों को यथासंभव समर्थन दिया जाना चाहिए।”

सपकाल ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का गठन भाजपा के “लोकतंत्र विरोधी रवैये” और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए किया गया था।

कांग्रेस नेता ने कहा, “कोई भी राजनीतिक दल जो लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संवैधानिक मूल्यों के लिए खड़ा होने को तैयार है, वह कांग्रेस के साथ मिलकर काम कर सकता है। टीवीके को समर्थन देने और तमिलनाडु में व्यापक राजनीतिक समझ बनाने के संबंध में लिया गया निर्णय इसी भावना से प्रेरित है। कांग्रेस राजनीतिक असफलताओं की कीमत पर भी अपने वैचारिक रुख के प्रति प्रतिबद्ध रही।”

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में