स्वीडिश सांसद नीला विखे पाटिल जीत का श्रेय लेने पर मंत्री चाचा और चचेरे भाई से नाराज
स्वीडिश सांसद नीला विखे पाटिल जीत का श्रेय लेने पर मंत्री चाचा और चचेरे भाई से नाराज
मुंबई, 24 सितंबर (भाषा) स्वीडिश संसद के लिए हाल ही में निर्वाचित नीला विखे पाटिल ने इस बात पर हैरानी जताई है कि महाराष्ट्र के उनके मंत्री चाचा और चचेरे भाई उनकी राजनीतिक सफलता का श्रेय ले रहे हैं।
अलग हो चुके उनके चाचा महाराष्ट्र के भाजपा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और चचेरा भाई लोकसभा के पूर्व सदस्य सुजय विखे पाटिल हैं। नीला, राधाकृष्ण के बड़े भाई और शिक्षाविद् डॉ. अशोक विखे पाटिल की बेटी हैं।
नीला ने स्टॉकहोम से ‘पीटीआई’ से कहा, “किसी ने मुझे एक वीडियो भेजा, जिसमें सुजय यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि विखे परिवार ने यह सुनिश्चित किया कि महाराष्ट्र में भले ही उसके सांसद को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन परिवार का एक अन्य सदस्य स्वीडन में निर्वाचित हो गया।”
उन्होंने कहा, “यह हैरान करने वाली बात है, क्योंकि एक दशक से भी अधिक समय से मेरा अपने चाचा या चचेरे भाई, दोनों में से किसी से कोई संपर्क नहीं रहा है। मैं नियमित रूप से भारत आती रही हूं। अब सांसद चुने जाने के बाद वे मेरी सफलता का श्रेय लेना चाहते हैं।”
सुजय विखे पाटिल 2024 के लोकसभा चुनाव में अहिल्यानगर लोकसभा सीट से शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के निलेश लंके से हार गए थे।
इकतालीस वर्षीय नीला ने कहा, “उनकी राजनीति मुझसे अलग है। मैं अपनी पार्टी कभी नहीं बदलूंगी। उन्होंने पार्टी बदली है।”
नीला 13 सितंबर को हुए राष्ट्रीय चुनाव में स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से 349-सदस्यीय संसद के लिए निर्वाचित हुई हैं। वह ग्रीन पार्टी की प्रमुख सदस्य हैं।
राधाकृष्ण विखे पाटिल 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले वह कांग्रेस और शिवसेना में रह चुके हैं। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने कैबिनेट मंत्री के साथ-साथ महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी काम किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे चाचा ने कल मुझे फोन करके मेरी जीत पर बधाई दी, यह उनकी अच्छी बात थी। पिछले एक दशक से मेरा न तो उनसे और न ही अपने चचेरे भाई से कोई संपर्क रहा है।’’
नीला की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए राधाकृष्ण विखे पाटिल ने उनके निर्वाचित होने को परिवार के लिए “गौरव और खुशी” का विषय बताया था। उन्होंने मीडिया से कहा था, “उन्होंने (नीला ने) यह सफलता अपने निरंतर प्रयासों से हासिल की है और यह उन्हीं प्रयासों का नतीजा है।”
स्वीडन में जन्मीं नीला ने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून में एमबीए किया तथा यूनिवर्सिटी डी कॉम्प्लूटेंस में भी अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम किया।
भाषा तान्या सुरेश
सुरेश

Facebook


