ठाणे महानगरपालिका चुनाव: शिवसेना, भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर विपक्ष का धांधली का आरोप

ठाणे महानगरपालिका चुनाव: शिवसेना, भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर विपक्ष का धांधली का आरोप

ठाणे महानगरपालिका चुनाव: शिवसेना, भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर विपक्ष का धांधली का आरोप
Modified Date: January 4, 2026 / 02:24 pm IST
Published Date: January 4, 2026 2:24 pm IST

ठाणे, चार जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के 32 उम्मीदवारों को निर्विरोध विजयी घोषित किए जाने के बाद विपक्षी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने महानगरपालिका चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है, जिससे ‘नोटा’ विकल्प और कानूनी कार्रवाई की मांगें तेज हो गई हैं।

राज्यभर में नगर निकाय चुनाव में निर्विरोध विजयी घोषित किए गए 68 उम्मीदवारों में से 47 प्रतिशत (32 उम्मीदवार) उम्मीदवार अकेले ठाणे जिले से हैं, यह आंकड़ा चौंकाने वाला है।

भाजपा 20 उम्मीदवारों के साथ इस सूची में सबसे आगे है। उसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 12 निर्विरोध उम्मीदवारों के साथ दूसरे स्थान पर है। कल्याण में भाजपा के 14 और शिवसेना के छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं जबकि ठाणे व भिवंडी में दोनों सत्तारूढ़ दलों में से प्रत्येक के छह-छह उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।

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शिवसेना (उबाठा) की ठाणे इकाई के प्रमुख केदार दिघे ने रविवार को चुनाव परिणामों की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे राज्य के निकाय चुनाव के इतिहास में अभूतपूर्व घटना बताया।

दिघे ने कहा, ‘‘सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार ही निर्विरोध कैसे जीत सकते हैं? अगर यह अवधारणा वैध है तो विपक्षी उम्मीदवारों को भी सूची में शामिल किया जाना चाहिए था।’’

उन्होंने तर्क दिया कि एक ही उम्मीदवार होने पर भी मतदाताओं को ‘उपरोक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) का विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘नागरिकों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।’’

मनसे ने शनिवार को संकेत दिया कि वह उम्मीदवारों को ‘‘निर्विरोध’’ विजयी घोषित किए जाने के फैसले को अदालत में चुनौती दे सकती है।

मनसे के प्रवक्ता ने बताया कि पार्टी के ठाणे-पालघर प्रमुख अविनाश जाधव ने इस मामले पर पार्टी अध्यक्ष राज ठाकरे को जानकारी दी है।

इस बीच, ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) ने शनिवार को एक विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि छह उम्मीदवार अपने-अपने वार्ड में अकेले उम्मीदवार थे फिर भी उनके नाम अंतिम निर्णय के लिए राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को भेजे गए हैं।

वहीं, नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) चुनाव में भाजपा और शिवसेना एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं और वहां किसी भी उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित नहीं किया गया है।

भाषा सुरभि खारी

खारी


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