Karwa Chauth 2021: इस बार करवा चौथ पर बरसेगी भगवान सूर्यदेव की कृपा, भूलकर भी न करें ये काम

Karwa Chauth 2021: This time the blessings of Lord Suryadev will rain on Karwa Chauth

Edited By: , October 21, 2021 / 02:29 PM IST

नई दिल्लीः साल 2021 का करवा चौथ व्रत 24 अक्टूबर दिन रविवार को रखा जायेगा। इसके लिए महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी है। इस दिन इस बार करवा चौथ व्रत रविवार को पड़ रहा है। इस लिहाज से इस बार का व्रत बेहद खास रहने वाला है। हिंदू धर्म में रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है। यही नहीं इस बार करवा चौथ व्रत की पूजा रोहिणी नक्षत्र में होगी। ऐसे में रविवार का दिन और रोहिणी नक्षत्र होने की वजह व्रती महिलाओं को सूर्यदेव का असीम आशीर्वाद प्राप्त होगा।

read more : T20 World Cup: नंबर-1 बैट्समैन को वर्ल्ड कप में नहीं मिलेगी जगह! धोनी के खास खिलाड़ी को मौका 

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार चांद रोहिणी नक्षत्र में निकलेगा और व्रत का पूजन इसी नक्षत्र में होगा। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 24 अक्टूबर 2021, रविवार सुबह 3 बजकर 1 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि अगले दिन 25 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर समाप्त होगी। करवा चौथ के दिन चांद निकलने का समय 8 बजकर 11 मिनट पर है। पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर 2021 को शाम 06:55 से लेकर 08:51 तक रहेगा।

read more : पुलिसकर्मियों का 25 फ़ीसदी बढ़ाया जाएगा ये भत्ता, सिम के साथ हर साल 2 हजार का रिचार्ज भी, इस राज्य सरकार ने दिया तोहफा 

भूलकर भी न करें ये काम
1. कहते हैं कि व्रत की शुरुआत सूर्योदय के साथ ही होती है। इसलिए भूलकर भी इस दिन देर तक न सोएं।
2. पूजा-पाठ में भूरे और काले रंग के कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। हो सके तो इस दिन लाल रंग के कपड़े ही पहनें क्योंकि लाल रंग प्यार का प्रतीक है और पति-पत्नी के इस प्रेम के प्रतीक व्रत में लाल रंग आपसी प्रेम को और बढ़ाएगा।
3. इस पवित्र दिन न तो खुद सोएं और न ही किसी सोए हुए व्यक्ति को जगाएं। मान्यता है कि करवा चौथ के दिन किसी भी सोते हुए व्यक्ति को नींद से जगाना अशुभ माना जाता है।

read more :  कलेक्टर्स के साथ कांफ्रेंस में बोले CM भूपेश बघेल, किसानों और आम नागरिकों से जुड़े राजस्व के कार्यों को प्राथमिकता दे प्रशासन

4. करवा चौथ पर सास द्वारा दी गई सरगी शुभ मानी जाती है। व्रत शुरू होने से पहले सास अपनी बहू को कुछ मिठाइयां, कपड़े और शृंगार का समान देती है। इस दिन सूर्योदय से पहले ही सरगी का भोजन करें और फिर पूरे दिन निर्जला व्रत रहकर पति की लंबी आयु के लिए कामना करें।
5. इस दिन व्रत करने वाली महिलाओं को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। महिलाओं को इस दिन घर में किसी बड़े का अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही, पति के साथ भी प्रेम के साथ रहना चाहिए।