मध्य प्रदेश सरकार का अधिकारियों को निर्देश : ‘भारत बंद’ शांतिपूर्ण हो
मध्य प्रदेश सरकार का अधिकारियों को निर्देश : 'भारत बंद' शांतिपूर्ण हो
भोपाल, 21 अगस्त (भाषा) मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को निर्देश दिया है कि वे बुधवार को समुदाय आधारित आरक्षण को लेकर कुछ समूहों द्वारा आहूत दिन भर के ‘भारत बंद’ के दौरान कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी भारत बंद को समर्थन दिया।
मंगलवार रात जारी एक परिपत्र में, राज्य के गृह विभाग ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों के अलावा सभी जिलों के कलेक्टरों और एसपी को भारत बंद के दौरान अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।
अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) आरक्षण के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के एक अगस्त के फैसले के खिलाफ देश भर के 21 संगठनों ने बुधवार को भारत बंद का आह्वान किया है। संगठनों ने न्यायालय के फैसले का विरोध किया और कहा कि इससे आरक्षण के मूल सिद्धांतों को नुकसान पहुंचेगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने एक अगस्त को कहा कि राज्यों को सामाजिक रूप से विषम वर्ग बनाने वाली अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का संवैधानिक अधिकार है, ताकि उन जातियों के उत्थान के लिए आरक्षण दिया जा सके जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से अधिक पिछड़ी हैं।
हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्यों को पिछड़ेपन और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व के ‘‘मात्रात्मक और प्रदर्शन योग्य आंकड़ों के आधार पर उप-वर्गीकरण करना होगा, न कि सनक और राजनीतिक लाभ के आधार पर।’’
दिग्विजय सिंह ने बुधवार को सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं एससी एसटी के बीच वर्गों के विभाजन के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरोध में भारत बंद का समर्थन करता हूं और सभी से सहयोग की अपील करता हूं।’’
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मंगलवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी भारत बंद को समर्थन दिया है।
भाषा दिमो मनीषा
मनीषा

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