धर्मशाला में शानदार प्रदर्शन के बाद पाटीदार को टी20 टीम में शामिल करने की मांग

धर्मशाला में शानदार प्रदर्शन के बाद पाटीदार को टी20 टीम में शामिल करने की मांग

धर्मशाला में शानदार प्रदर्शन के बाद पाटीदार को टी20 टीम में शामिल करने की मांग
Modified Date: May 27, 2026 / 07:14 pm IST
Published Date: May 27, 2026 7:14 pm IST

मुल्लांपुर, 27 मई (भाषा) कुछ साल पहले धर्मशाला में ही खराब फॉर्म और चोट के कारण रजत पाटीदार भारतीय टीम से बाहर हो गए थे ।

इंग्लैंड के स्पिनरों ने मार्च 2024 में छह में से तीन मैचों में उन्हें आउट किया और एचपीसीए स्टेडियम पर ही आखिरी टेस्ट में उनकी जगह देवदत्त पडिक्कल को मिली ।

भले ही प्रारूप अलग हो लेकिन धौलाधर पहाड़ियों से घिरे इसी खूबसूरत स्टेडियम पर आईपीएल में धमाकेदार पारी खेलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाने वाले पाटीदार ने भारत की टी20 टीम में वापसी की चर्चा छेड़ दी है ।

बतौर बल्लेबाज आईपीएल के इस सत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पाटीदार को भारत की टी20 टीम में शामिल करने की मांग होने लगी है । उन्होंने आईपीएल के पहले क्वालीफायर में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 33 गेंद में नौ छक्कों की मदद से 93 रन बनाये थे ।

भारत ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीता लेकिन इस प्रारूप में भारत के पास इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं कि लंबे समय से खराब फॉर्म में चल रहे सूर्यकुमार की टीम में जगह पर सवाल उठने लगे हैं ।

श्रेयस अय्यर के प्रशंसक उन्हें कप्तान बनते देखना चाहते हैं जबकि पाटीदार खेमा चाहता है कि वह अगली श्रृंखला के लिये टीम में रहें ।

अंबाती रायुडू ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा ,‘‘मैं दो तीन खिलाड़ियों को चुनकर उनके इर्द गिर्द टीम बनाता और रजत उनमें से एक है ।’’

आरसीबी के क्रिकेट निदेशक मो बोबाट ने पाटीदार की पारी के बारे में कहा ,‘‘ मैने एक बार उसे स्पिन बैशर कहा था और वह काफी नाराज हो गया था क्योंकि मैं कहना चाहता था कि वह स्पिनरों को ही पीटता है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ वह शायद मुझे कुछ साबित करना चाहता था । तेज गेंदबाजी हो या स्पिन, फ्रंटफुट हो या बैकफुट, जिस तरह से वह बेखौफ खेलता है , वह देखने में मजा आता है ।’’

पाटीदार ज्यादा सुर्खियों में रहने वाले कप्तान नहीं है चूंकि उनकी टीम में विराट कोहली जैसा सुपरस्टार है । वह अपने शानदार खेल से ही ध्यान खींच रहे हैं जिससे राष्ट्रीय चयनकर्ता भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेंगे ।

भाषा

मोना सुधीर

सुधीर


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