क्या टेनिस खिलाड़ियों के साथ चिड़ियाघर के जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है? स्वियातेक ने कहा, हां

क्या टेनिस खिलाड़ियों के साथ चिड़ियाघर के जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है? स्वियातेक ने कहा, हां

क्या टेनिस खिलाड़ियों के साथ चिड़ियाघर के जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है? स्वियातेक ने कहा, हां
Modified Date: January 28, 2026 / 12:25 pm IST
Published Date: January 28, 2026 12:25 pm IST

मेलबर्न, 28 जनवरी (एपी) इगा स्वियातेक ने बुधवार को यहां उसी विषय को आगे बढ़ाया जिसे कोको गॉफ ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में मंगलवार को उठाया था।

अमेरिका की 21 वर्षीय खिलाड़ी गॉफ का क्वार्टर फाइनल में हारने के बाद कोर्ट के बाहर निराशा में रैकेट तोड़ने का वीडियो वायरल हो गया था जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई थी।

गॉफ ने कहा था कि उन असीमित पहुंच वाले कैमरों के बारे में विचार करने की जरूरत है जो खिलाड़ियों को लॉकर रूम से लेकर कोर्ट तक और बीच में लगभग हर जगह ट्रैक करते हैं।

स्वियातेक से बुधवार को पांचवीं वरीयता प्राप्त एलेना रयबाकिना से क्वार्टरफाइनल में 7-5, 6-1 से हारने के बाद पूछा गया कि खिलाड़ियों के लिए ऐसे क्षेत्रों की कमी के बारे में वह कैसा महसूस करती हैं जहां कैमरों की नजर ना हो।

स्वियातेक ने कहा, ‘‘सवाल यह है कि हम टेनिस खिलाड़ी हैं या हम चिड़ियाघर के जानवरों की तरह हैं, जहां उनकी शौच करते समय भी निगरानी की जाती है, आप जानते हैं ना?’’

उन्होंने अपने आखिरी संदर्भ के लिए माफी मांगते हुए कहा, ‘‘ठीक है, यह स्पष्ट रूप से अतिशयोक्ति थी, लेकिन थोड़ी निजता मिल जाए तो अच्छा होगा। यह भी अच्छा होगा कि आपकी अपनी प्रक्रिया हो और आपको हमेशा किसी की निगरानी में नहीं रहना पड़े।’’

स्वियातेक के पहचान पत्र भूल जाने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया था जिसका वीडियो वायरल हो गया था। यह सब तब हुआ जबकि वह महिला टेनिस की दिग्गज खिलाड़ी हैंं और उन्होंने चार फ्रेंच ओपन के साथ-साथ विंबलडन और यूएस ओपन भी जीते हैं। लेकिन सुरक्षा तो सुरक्षा ही होती है।

अन्य प्रतियोगिताओं में भी खिलाड़ियों की गतिविधियों पर कैमरे की नजर होती है और ऑस्ट्रेलियाई ओपन इस मामले में अपवाद नहीं है।

स्टेडियम के गैर सार्वजनिक क्षेत्रों के कुछ दृश्य हमेशा प्रसारित नहीं होते हैं, लेकिन खिलाड़ियों को यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि कैमरे में कैद होने वाले कुछ पल प्यारे, जानकारीपूर्ण या फिर बेहद नाटकीय होने के कारण वायरल हो जाते हैं।

विश्व में दूसरे नंबर की खिलाड़ी स्वियातेक ने कहा कि उनके खेल के कुछ ऐसे पहलू हैं जिनका अभ्यास वह मैच के लिए मैदान में उतरने से ठीक पहले करना चाहती हैं और इसलिए ‘‘यह अच्छा होगा अगर उन्हें कोई ऐसी जगह मिल जाए जहां वह कैमरे की नजर में आए बिना ऐसा कर सके।’’

पोलैंड की इस 24 वर्ष की खिलाड़ी ने कहा, ‘‘हम टेनिस खिलाड़ी हैं और हमें कोर्ट और मीडिया में देखा जाना चाहिए। यह हमारा काम है। यह हमारा काम नहीं है कि जब आप अपना एक्रीडिटेशन (मान्यता पत्र) भूल जाए तो उसकी मीम बन जाए।’’

विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी और दो बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन गॉफ ने क्वार्टर फाइनल में एलिना स्वितोलिना से हारने के बाद ‘प्लेयर्स एरिया’ के पास कंक्रीट के फर्श पर अपना रैकेट सात बार पटका।

पता चला कि रॉड लेवर एरिना में लॉकर रूम को छोड़कर शायद ही कोई ऐसी जगह हो जो कैमरों की पहुंच से बाहर हो।

गॉफ ने इसके बाद कहा था, ‘‘ऐसा ही कुछ मेरे साथ यूएस ओपन के फाइनल में एरिना (सबालेंका) के खिलाफ मैच के बाद हुआ था। मुझे लगता है कि इसका प्रसारण करने की जरूरत नहीं थी। मैंने ऐसी जगह जाने की कोशिश की जहां मुझे लगा कि कैमरा नहीं है क्योंकि मुझे कोर्ट पर रैकेट तोड़ना पसंद नहीं है।’’

एपी

पंत

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