अश्विन और जुरेल ने लंच तक भारत को सात विकेट पर 388 रन तक पहुंचाया

अश्विन और जुरेल ने लंच तक भारत को सात विकेट पर 388 रन तक पहुंचाया

अश्विन और जुरेल ने लंच तक भारत को सात विकेट पर 388 रन तक पहुंचाया
Modified Date: February 16, 2024 / 12:12 pm IST
Published Date: February 16, 2024 12:12 pm IST

राजकोट, 16 फरवरी (भाषा) रविचंद्रन अश्विन और पदार्पण कर रहे विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने भारत को सुबह के सत्र में शुरुआती झटकों से उबारते हुए इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन लंच तक पहली परी में टीम का स्कोर सात विकेट पर 388 रन तक पहुंचाया।

सपाट पिच से गेंदबाजों को मदद नहीं मिल रही है लेकिन इसके बावजूद भारत ने शुरुआती झटकों के बाद सुबह के सत्र में धीमी बल्लेबाजी की।

भारत ने दिन की शुरुआत पांच विकेट पर 326 रन से करते हुए सुबह के सत्र में दो विकेट गंवाकर 62 रन जोड़े। लंच के समय अश्विन 25 जबकि जुरेल 31 रन बनाकर क्रीज पर थे। दोनों आठवें विकेट के लिए 57 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर चुके हैं।

कल शतक जड़ने वाले रविंद्र जडेजा (225 गेंद में 112 रन, नौ चौके, दो छक्के) सुबह के सत्र में अपने स्कोर में सिर्फ दो रन जोड़ने के बाद जो रूट को उन्हीं की गेंद पर आसान कैच देकर पवेलियन लौटे। यह टेस्ट क्रिकेट में जडेजा का दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर और गेंद के लिहाज से दूसरी सबसे लंबी पारी है।

भारत ने इससे पहले दिन के चौथे ओवर में ही रात्रि प्रहरी कुलदीप यादव (04) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने जेम्स एंडरसन की गेंद पर विकेटकीपर बेन फोक्स को कैच थमाया। जेम्स एंडरसन (41 वर्ष) टेस्ट क्रिकेट में 700 विकेट चटकाने वाला पहला तेज गेंदबाज बनने से सिर्फ चार विकेट दूर हैं।

भारत ने 331 रन के स्कोर पर दो विकेट गंवाए जिसके बाद अश्विन और जुरेल ने सतर्क होकर बल्लेबाजी की। अश्विन शुरुआत में बेहतर लय में दिखे और उन्होंने कुछ अच्छे ड्राइव लगाए। उनके पिच पर दौड़ने से हालांकि मैदानी अंपायर जो विल्सन ने भारतीय टीम पर पांच रन की पेनल्टी लगाई।

इंग्लैंड अपनी पारी की शुरुआत अब बिना विकेट खोए पांच रन से करेगा। भारत को पहले दिन भी चेतावनी मिली थी जब जडेजा ने ऐसा किया था।

जुरेल ने कुछ गेंद खाली खेलकर शुरुआत की और फिर एक रन के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय रनों का खाता खोला। उन्होंने मार्क वुड की 146 किमी प्रति घंटा से अधिक की शॉर्ट गेंद को स्लिप के ऊपर से छह रन के लिए भेजकर अपनी पहली बाउंड्री लगाई।

भाषा सुधीर

सुधीर


लेखक के बारे में