बीसीसीआई लोकपाल का फैसला: संतोष मेनन का कार्यकाल पूरा, केएससीए सचिव पद रिक्त घोषित

बीसीसीआई लोकपाल का फैसला: संतोष मेनन का कार्यकाल पूरा, केएससीए सचिव पद रिक्त घोषित

बीसीसीआई लोकपाल का फैसला: संतोष मेनन का कार्यकाल पूरा, केएससीए सचिव पद रिक्त घोषित
Modified Date: June 25, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: June 25, 2026 5:32 pm IST

बेंगलुरु, 25 जून (भाषा) भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के लोकपाल और पूर्व न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने मौजूदा नियमों की समीक्षा करते हुए अपने फैसले में कहा कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के सचिव संतोष मेनन ‘अधिकतम स्वीकार्य’ नौ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और अब इस पद पर बने रहने के पात्र नहीं हैं।

न्यायमूर्ति मिश्रा ने यह निर्णय राज्य संघ के संस्थागत सदस्य ‘डॉल्फिन क्रिकेटर्स’ द्वारा दायर शिकायत को स्वीकार करते हुए दिया।

लोकपाल ने कहा कि मेनन का कार्यकाल 16 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था। इसलिए केएससीए सचिव का पद रिक्त घोषित किया जाता है।

उन्होंने अपने आदेश में कहा, ‘‘प्रावधानों के तहत प्रतिवादी संख्या तीन (संतोष मेनन) प्रबंध समिति के सदस्य और पदाधिकारी के रूप में कुल मिलाकर नौ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इसलिए वे धारा 6बी(3)(जी) के तहत अयोग्य हैं।”

न्यायमूर्ति मिश्रा ने यह भी कहा कि केएससीए संविधान का नियम 41, जो पदाधिकारियों के कार्यकाल से संबंधित है, इस विवाद में रोक लगाने की शक्ति नहीं रखता। उन्होंने बीसीसीआई और केएससीए को मामले में आगे उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि संघ इस आदेश का विस्तृत अध्ययन कर रहा है और आगे की कार्रवाई से पहले कानूनी सलाह लेगा।

प्रसाद ने कहा, “हमने बीसीसीआई लोकपाल के आदेश पर ध्यान दिया है। कानून के तहत उपलब्ध सभी उपायों और विकल्पों का आकलन करने के लिए उचित कानूनी सलाह ली जा रही है।”

उन्होंने कहा कि पांच फरवरी 2026 को केएससीए के लोकपाल और पूर्व न्यायाधीश ए. एस. बोपन्ना द्वारा पारित आदेश भी मौजूद है, जो केएससीए उपनियमों के तहत सभी सदस्यों पर बाध्यकारी है।

प्रसाद ने कहा, “दुर्भाग्यवश बीसीसीआई लोकपाल ने इस मुद्दे पर अलग दृष्टिकोण अपनाया है। दोनों आदेशों के कानूनी प्रभाव और उनके आपसी संबंधों की फिलहाल जांच की जा रही है।”

वेंकटेश प्रसाद के नेतृत्व वाला पैनल सात दिसंबर 2025 को सत्ता में आया था। सचिव पद के चुनाव में संतोष मेनन ने ई. एस. जयराम को 675-632 मतों के अंतर से हराया था।

मेनन ने पहली बार 2019 में तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए सचिव पद संभाला था। हालांकि, बीसीसीआई लोकपाल ने फैसला देते समय केएससीए की प्रबंध समिति और अन्य पदों पर उनके कुल कार्यकाल को भी जोड़ा।

आदेश में कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति अलग-अलग पदों पर रहा हो, तो सभी पदों पर बिताई गई अवधि को जोड़कर देखा जाएगा। बीसीसीआई संविधान के नियम 3(बी)(आई) में भी स्पष्ट है कि कोई व्यक्ति किसी भी पद पर नौ वर्ष से अधिक नहीं रह सकता।

न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, “संतोष मेनन ने केएससीए संविधान के तहत परिभाषित पदों पर कुल नौ वर्ष पूरे कर लिए हैं। इसलिए 16 दिसंबर 2025 से वे केएससीए के मानद सचिव पद पर बने रहने के लिए स्पष्ट रूप से अयोग्य हैं। वे सचिव पद पर अवैध रूप से बने हुए हैं और नौ वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद अब केएससीए में कोई भी पद धारण नहीं कर सकते।”

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर


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