बीडब्ल्यूए ने 3×15 स्कोरिंग प्रणाली को मंजूरी दी

बीडब्ल्यूए ने 3×15 स्कोरिंग प्रणाली को मंजूरी दी

बीडब्ल्यूए ने 3×15 स्कोरिंग प्रणाली को मंजूरी दी
Modified Date: April 26, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: April 26, 2026 12:13 am IST

नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) ने शनिवार को डेनमार्क के हॉर्सन में अपनी सालाना आम बैठक में 3×15 स्कोरिंग प्रणाली को अपनाने की मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव को डाले गए वोट में से जरूरी दो-तिहाई बहुमत मिल गया।

अब 3×15 स्कोरिंग प्रणाली चार जनवरी 2027 से लागू होगी।

बीडब्ल्यूएफ की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि यह फैसला बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक अहम मील का पत्थर है।

लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा, ‘‘हम एक ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़ा हो, और साथ ही हम अपने खिलाड़ियों के लंबे समय के भविष्य में भी निवेश करते रहेंगे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘3×15 स्कोरिंग प्रणाली का मकसद बैडमिंटन को और भी ज़्यादा रोमांचक और प्रतिस्पर्धी बनाना, बेहतर शेड्यूल, मैचों की अवधि में ज्यादा एकरूपता लाना, और खिलाड़ियों की भलाई और उबरने के लिए संभावित फायदे देना है। ’’

विश्व संस्था ने एक बयान में कहा कि यह फैसला लंबे समय तक चली टेस्टिंग, विश्लेषण और सदस्यों व हितधारकों के साथ सलाह-मशविरे की प्रक्रिया के बाद लिया गया है।

यह बीडब्ल्यूएफ के सदस्यों की सामूहिक राय को दिखाता है जो खिलाड़ियों की भलाई, और खिलाड़ियों को लंबे व ज्यादा सफल करियर बनाने में मदद करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित है।

भारत की प्रमुख खिलाड़ियों ने पहले इस कदम पर अपनी आपत्तियां जताई थीं और मौजूदा 21 अंक की प्रणाली का समर्थन किया था जिनमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, पूर्व मुख्य कोच विमल कुमार और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल शामिल हैं।

कुछ हितधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए लीस्वाड्ट्राकुल ने कहा कि बैडमिंटन का मूल स्वरूप नहीं बदलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि बदलाव से चिंताएं पैदा हो सकती हैं, खासकर ऐसे खेल में जिसकी परंपराएं इतनी मजबूत हैं। लेकिन यह फैसला बैडमिंटन के बुनियादी स्वरूप को नहीं बदलता है। खेल के कौशल, रणनीतियां, शारीरिक और मानसिक चुनौतियां, और इसका रोमांच सब कुछ वैसा ही रहेगा। ’’

भाषा नमिता

नमिता


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