गंभीर की आक्रामक प्रतिस्पर्धा ने केकेआर को बनाया मजबूत: डु प्लेसी
गंभीर की आक्रामक प्रतिस्पर्धा ने केकेआर को बनाया मजबूत: डु प्लेसी
नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसी ने गौतम गंभीर की तीखी प्रतिस्पर्धात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इसी गुण ने उन्हें कई बार “कहानी का खलनायक” बनाया, लेकिन यही रवैया उनकी टीमों के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ।
डु प्लेसी ने कहा कि गंभीर की इसी विशेषता ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) जैसी टीम को मजबूती दी। गंभीर की कप्तानी में केकेआर ने 2012 और 2014 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब जीता, जबकि मेंटोर के रूप में उनके मार्गदर्शन में टीम 2024 में तीसरी बार चैंपियन बनी।
वह अब कोच के तौर पर भारतीय टीम को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और इस साल के टी20 विश्व कप में जीत दिला चुके हैं।
डु प्लेसी ने जियोहॉटस्टार से कहा, “गंभीर को लेकर मेरा नजरिया उन खिलाड़ियों से अलग है, जो उनके साथ खेलते हैं। उनके खिलाफ खेलते समय वह हमेशा कहानी के खलनायक होते हैं, लेकिन आप उनका सम्मान करते हैं।”
उन्होंने कहा, “गौतम गंभीर की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वह बेहद प्रतिस्पर्धी हैं। उन्हें इस बात की जरा भी चिंता नहीं होती कि कोई उन्हें पसंद करता है या नहीं। एक नेतृत्वकर्ता के तौर पर उनका काम ऊंचे मानक तय करना और ड्रेसिंग रूम में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।”
डु प्लेसी के मुताबिक, गंभीर किसी भी ड्रेसिंग रूम में उच्च मानक और जवाबदेही स्थापित करते हैं, जो विरोधी कप्तान के लिए भी प्रेरणा का कारण बनता है।
उन्होंने कहा, “कप्तान के तौर पर जब आप उनके खिलाफ खेलते हैं, तो उनके व्यक्तित्व के कारण आप उन्हें हराना चाहते हैं, लेकिन साथ ही आप इस बात का सम्मान भी करते हैं कि वह इतने ऊंचे मानक स्थापित करते हैं।”
उन्होंने कहा, “अच्छे कप्तान यही करते हैं और गंभीर ने अपने करियर की शुरुआत से ही यह दिखाया है। उनके रिकॉर्ड को देखें तो मानना पड़ेगा कि नेतृत्व के नजरिए से उनकी मौजूदगी में केकेआर एक मजबूत टीम थी।”
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की कप्तानी कर चुके डु प्लेसी ने कहा कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में नेतृत्व केवल कप्तान तक सीमित नहीं होता।
उन्होंने कहा, “लोग अक्सर किसी संगठन या टीम में नेतृत्व की बात करते समय कप्तान के बारे में सोचते हैं। हां, कप्तान की भूमिका अहम होती है, लेकिन मेरे लिए यह शीर्ष स्तर से शुरू होता है। इसमें फ्रेंचाइजी के मालिक, कोच और टीम के भीतर का नेतृत्व समूह शामिल होता है।”
उन्होंने कहा, “जब आप सफल टीमों जैसे मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और केकेआर को देखते हैं, तो वहां गौतम के साथ श्रेयस अय्यर, या (एमएस) धोनी के साथ (स्टीफन) फ्लेमिंग जैसे संयोजन दिखते हैं। यहां तक कि पिछले साल आरसीबी में भी एंडी फ्लावर और मो बॉबट के रूप में शीर्ष स्तर पर मजबूत नेतृत्व था, जबकि कप्तान (रजत पाटीदार) के लिए आईपीएल में यह पहली बार कप्तानी का अनुभव था।”
इस 41 वर्षीय पूर्व दिग्गज ने टीम की सफलता के लिए कप्तान और कोच के बीच मजबूत तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, “अगर आपके पास एक मजबूत कप्तान है, तो काफी जिम्मेदारी उसी पर होती है क्योंकि वही टीम को आगे बढ़ाता है। लेकिन अगर कप्तान उतना मजबूत नहीं है, तो एक मजबूत कोच जिम्मेदारी उठाता है। मेरा मानना है कि यही वह जगह है, जहां गंभीर बेहद प्रभावी साबित हुए।”
भाषा आनन्द पंत
पंत

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