इतिहास रचने के लिए न्यूजीलैंड की कड़ी चुनौती से पार पाना होगा भारत को
इतिहास रचने के लिए न्यूजीलैंड की कड़ी चुनौती से पार पाना होगा भारत को
(कुशान सरकार)
अहमदाबाद, सात मार्च (भाषा) बेहद प्रतिभाशाली और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम पर न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले टी20 विश्व कप के फाइनल में इतिहास रचने की उम्मीदों का बोझ होगा, भले ही सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियमों में से एक नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में भारत को 19 नवंबर 2023 को बड़ा झटका लगा था जब वह ऑस्ट्रेलिया से वनडे विश्व कप का फाइनल हार गया था। तब भारत ने भावुक नम आंखों वाले रोहित शर्मा को ड्रेसिंग रूम की सीढ़ियों पर चढ़ते हुए देखा था।
केवल भारतीय टीम ही नहीं बल्कि स्टेडियम में मौजूद 93000 दर्शक भी सन्न रह गए थे। भारत ने हालांकि 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतकर इसकी काफी हद तक भरपाई कर दी थी।
अब खेल के सबसे छोटे प्रारूप की भारतीय टीम सूर्यकुमार की कप्तानी में खिताब का बचाव करने और इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बनने की कोशिश करेगी।
एक कुशल बल्लेबाज और चतुर कप्तान सूर्यकुमार न केवल कप्तान के रूप में अपनी खुद की विरासत बनाने के लिए उत्सुक होंगे, बल्कि वह 19 नवंबर 2023 की पीड़ा को भी खत्म करना चाहेंगे।
सूर्यकुमार और उनके साथी ठीक 364 दिन पहले नौ मार्च, 2025 को भारत की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड की लगभग इसी टीम के खिलाफ मिली जीत से प्रेरणा लेने की कोशिश करेंगे। भले ही वह टूर्नामेंट 50 ओवर का था। सूर्यकुमार उस टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन दुबई में मिली उस एकतरफा जीत से उन्हें हौसला मिल सकता है।
फाइनल जीतने के लिए साहस के अलावा किस्मत का साथ भी जरूरी होता है। खेल एकदम ‘परफेक्ट’ होना जरूरी नहीं है, लेकिन सही समय पर सही चीजें होनी चाहिए।
मौजूदा टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भारत की जीत तब लगभग तय हो गई थी जब हैरी ब्रूक ने संजू सैमसन का कैच छोड़ दिया था। भारत रविवार को न्यूजीलैंड की ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगा।
भारत को अब तक इस टूर्नामेंट में किस्मत का साथ मिला है। अगर वह खिताब जीत जाता है तो उन्हें सराहना मिलेगी लेकिन अगर वह हार जाते हैं तो फिर बहुत बड़ा बवाल मच सकता है।
सूर्यकुमार ने पिछले दो वर्षों में टीम का बहुत अच्छी तरह से नेतृत्व किया है, भले ही एक बल्लेबाज के रूप में वह उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाए। रविवार का दिन उनके करियर के लिए निर्णायक क्षण होगा। अगर उनकी टीम खुशगवार मौसम में अच्छा प्रदर्शन करती है तो उनकी सारी नाकामियां पल भर में भुला दी जाएंगी।
लेकिन भारत के लिए न्यूजीलैंड की चुनौती आसान नहीं होगी क्योंकि किसी भी दिन फिन एलन, लॉकी फर्ग्यूसन या मैट हेनरी जैसे खिलाड़ी अपनी क्षमता से कहीं बेहतर प्रदर्शन करना जानते हैं। मिचेल सैंटनर या ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ी जानते हैं कि एक मजबूत टीम के खिलाफ किस तरह से चुनौती का सामना करना होता है।
न्यूजीलैंड के लिए सबसे बड़ा खतरा ‘अहमदाबाद का सरदार’ होगा। इस सरदार का नाम जसप्रीत बुमराह है। फाइनल में बुमराह के चार ओवर एक बार फिर दोनों टीमों के बीच निर्णायक साबित हो सकते हैं। इंग्लैंड को सेमीफाइनल में इसका कड़वा अनुभव हुआ था।
भारत के महानतम तेज गेंदबाज को ज्यादातर विपक्षी टीम की पारी के आखिर में इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन रविवार को यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह सेमीफाइनल में 33 गेंदों में 100 रन बनाने वाले एलन के खिलाफ गेंदबाजी की शुरुआत करेंगे या नहीं।
अर्शदीप सिंह या हार्दिक पंड्या की नई गेंद की लेंथ शायद बल्लेबाजी के लिए अधिक अनुकूल साबित हो सकती है और ऐसे में बुमराह को शुरू में गेंदबाजी के लिए बुलाना सही फैसला होगा क्योंकि वह दोनों तरफ स्विंग करा सकते हैं।
लेकिन जैसा कि फिलिप्स ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘जसप्रीत बुमराह भी इंसान हैं। उनका भी हमारी तरह कभी-कभी खराब दिन हो सकता है।’’
अभिषेक शर्मा अभी तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और उनको अंतिम एकादश में बनाए रखने पर सवाल उठ रहे हैं। उनकी तकनीकी खामियां उजागर हो गई हैं और अगर वह फाइनल खेलते हैं तो ऑफ-स्पिनर कोल मैककॉन्ची को शुरू में ही गेंदबाजी के लिए बुलाया जा सकता है। अगर उन्हें टीम से बाहर किया जाता है, तो मध्य क्रम बहुत लंबा हो जाएगा और रिंकू सिंह भी अच्छी फॉर्म में नहीं हैं।
भारत के लिए एक और बड़ी चिंता वरुण चक्रवर्ती का लगातार असफल रहना है। वह अब पहले की तरह बल्लेबाजों को परेशान नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें न्यूजीलैंड के दाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने संघर्ष करना पड़ सकता है। अभी तक टूर्नामेंट में केवल एक मैच खेलने वाले कुलदीप यादव उनकी जगह पर अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
टीम इस प्रकार हैं:
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर।
न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम सीफर्ट, रचिन रविंद्र, मार्क चैपमैन, ग्लेन फिलिप्स, डैरिल मिचेल, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, कोल मैककॉन्ची, काइल जैमीसन, जैकब डफी, डेवोन कॉनवे, जिमी नीशम, इश सोढ़ी।
मैच शुरू होने का समय: शाम सात बजे।
भाषा
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