वैश्विक मानकों की बराबरी के लिए भारतीयों को शारीरिक रूप से बेहतर होने की जरूरत: वाइट
वैश्विक मानकों की बराबरी के लिए भारतीयों को शारीरिक रूप से बेहतर होने की जरूरत: वाइट
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) भारतीय जूनियर महिला हॉकी कोच टिम वाइट का कहना है कि देश की अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को शीर्ष अंतरराष्ट्रीय मानकों की बराबरी करने के लिए शारीरिक रूप से बेहतर होने की जरूरत है जबकि सीनियर टीम के कोच सोर्ड मारिने का मानना है कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वाइट ने हाल में बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया में काम करने के बाद भारतीय जूनियर महिला टीम की जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उच्चतम स्तर पर लगातार सफलता हासिल करने के लिए शारीरिक कमियों को दूर करना बहुत जरूरी होगा।
वाइट ने शुक्रवार को एक वर्चुअल बातचीत में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि किसी ग्रुप को विश्व-स्तरीय बनाने के लिए, किसी देश को विश्व-स्तरीय बनाने के लिए, उन्हें शारीरिक रूप से भी विश्व-स्तरीय होना होगा। जब बेल्जियम ने बहुत सुधार किया, उन्होंने दूसरी चीजों के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी बहुत सुधार किया। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने एक बात पहले ही नोटिस की है कि यह ग्रुप शारीरिक रूप से उस स्तर से नीचे है, जो बेल्जियम में खिलाड़ियों का था या ऑस्ट्रेलिया में था। और हमें शारीरिक रूप से बेहतर होने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी, ताकि हम बेहतरीन जूनियर टीम से मुकाबला कर सकें और खिलाड़ियों का सीनियर टीम में प्रवाह जारी रहे। ’’
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

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