मेरा करियर आज या कल खत्म हो सकता है लेकिन मैं फिर से बड़ी मेहनत का लुत्फ उठा रहा हूं: प्रणय
मेरा करियर आज या कल खत्म हो सकता है लेकिन मैं फिर से बड़ी मेहनत का लुत्फ उठा रहा हूं: प्रणय
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) एचएस प्रणय ने 2025 सत्र के निराशाजनक दूसरे हाफ के बाद रोजाना की कड़ी मेहनत में फिर से खुशी ढूंढ ली है लेकिन यह अनुभवी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं है कि वह अपने करियर को अधिक लंबा खींच पाएंगे या नहीं।
तैंतीस 33 साल के प्रणय के लिए 2025 सत्र काफी मुश्किल रहा जिसमें उन्होंने 19 टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और एक बार भी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए।
प्रणय ने यहां इंडिया ओपन 2026 की प्रेस कांफ्रेंस के मौके पर पीटीआई वीडियो से कहा, ‘‘मुझे तो यह भी नहीं पता कि तीन महीने बाद क्या होने वाला है। एशियाई खेल, विश्व चैंपियनशिप, ये सब चीजें मेरे लिए बहुत दूर की बात हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जरूरी बात यह है कि अभी जो मेरे हाथ में है उन पर ध्यान दूं और जो मैं कर सकता हूं उसका आनंद लूं। इस बात की शिकायत करने का कोई मतलब नहीं है कि मैं शीर्ष स्तर पर नहीं खेल पा रहा हूं।’’
अपने करियर के आखिरी चरण में चल रहे प्रणय ने कहा कि मुकाबला करने में खुशी ढूंढना उनके नजरिए का अहम हिस्सा बन गया है।
प्रणय ने कहा, ‘‘मैं अब भी यहां हूं। अब भी अपने से 14 साल छोटे खिलाड़ी के खिलाफ खेलने और कड़ी टक्कर देने में सक्षम हूं। मुझे इसमें खुशी ढूंढनी चाहिए।’’
इस साल के आखिर में भारत में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के बारे में पूछे जाने पर प्रणय ने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई।
उन्होंने ‘‘मुझे नहीं पता। सच कहूं तो मैं अभी थोड़ा पीछे हूं लेकिन खेल में चीजें बहुत जल्दी बदल जाती हैं। तो उम्मीद है कि मैं विश्व चैंपियनशिप के दौरान फिर से आपके साथ बात करूंगा।’’
वर्ष 2025 के मुश्किल सत्र के बारे में बात करते हुए प्रणय ने माना कि लगातार खराब नतीजों और परिस्थितियों ने उनकी सोच पर असर डाला।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछला साल मेरे लिए थोड़ा खराब था। कई टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया। कई अच्छे मैच खेले लेकिन कई अच्छे मैच खत्म नहीं कर पाया। लेकिन उससे भी अधिक मैं 2025 के दूसरे हाफ में खेलने का मजा नहीं ले पा रहा था।’’
पिछले सत्र में कई बीडब्ल्यूएफ टूर प्रतियोगिताओं से जल्दी बाहर होने के बावजूद प्रणय ने मजबूती दिखाई, भले ही चोटों और फिटनेस समस्याओं ने उनकी रफ्तार धीमी कर दी थी।
उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग में फिर से लुत्फ उठाने से उन्हें इंडिया ओपन से पहले खेल से दोबारा जुड़ने में मदद मिली है।
प्रणय ने कहा, ‘‘सबसे जरूरी बात यह थी कि खेलने और ट्रेनिंग में मजा आए और मेहनत का भी आनंद लिया जाए। मुझे लगता है कि पिछले कुछ हफ्ते इस मामले में अच्छे रहे और इसलिए मैं बैडमिंटन के अगले कुछ का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि खेलने का करियर बहुत छोटा होता है और शायद आज या कल खत्म हो सकता है लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि जब आप खेल रहे होते हैं तो आप कितने समर्पित होते हैं। क्योंकि मैं बाद में यह सोचकर पछताना नहीं चाहता कि जब मैंने खेलना बंद किया तो मैं यह कर सकता था।’’
भाषा सुधीर मोना
मोना

Facebook


