सूर्यवंशी प्रतिभा के मामले में सचिन-विराट जितने सक्षम, चयन में उम्र नहीं क्षमता हो आधार : कपिल
सूर्यवंशी प्रतिभा के मामले में सचिन-विराट जितने सक्षम, चयन में उम्र नहीं क्षमता हो आधार : कपिल
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) भारत के महान हरफनमौला कपिल देव का मानना है कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी में असाधारण प्रतिभा है और वह इस मामले में सचिन तेंदुलकर तथा विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों की श्रेणी में नजर आते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में चयन के समय वैभव की उम्र नहीं, बल्कि उनकी क्षमता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पंद्रह वर्षीय सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें अभी तक अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का अवसर नहीं मिला है। इस बीच यह बहस जारी है कि क्या उन्हें टी-20 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की जगह अंतिम एकादश में मौका दिया जाना चाहिए।
विश्व कप विजेता कप्तान कपिल ने ‘विक्रांत पॉडकास्ट’ पर कहा, ‘‘ अगर प्रतिभा की बात करें तो वह सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जितने ही सक्षम दिखाई देता है। टी-20 क्रिकेट के लिए उसका कौशल साफ नजर आता है, लेकिन बाकी प्रारूपों में उसे खुद को साबित करना होगा।’’
कपिल ने कहा, ‘‘जिस दिन वह टेस्ट क्रिकेट खेलेगा, तब देखना होगा कि क्या वह पांच ओवर मेडन खेलने जैसी परिस्थितियों में भी सफल हो सकता है। टी-20 में उन्होंने कम उम्र में जिस तरह का प्रभाव छोड़ा है, वैसी प्रतिभा दुनिया में एक प्रतिशत खिलाड़ियों में भी देखने को नहीं मिलती।’’
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्होंने सूर्यवंशी को बहुत अधिक खेलते हुए नहीं देखा है, लेकिन इतना जरूर महसूस होता है कि उनमें अपार प्रतिभा है। उन्होंने आगाह किया कि इस युवा खिलाड़ी को लेकर जरूरत से ज्यादा चर्चा और प्रचार करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे ज्यादा नहीं देखा है, लेकिन जितना देखा है, उससे इतना स्पष्ट है कि उसमें जबरदस्त प्रतिभा है। इसके बावजूद मुझे लगता है कि हम उसके बारे में जरूरत से ज्यादा बातें कर रहे हैं। अभी उसे समय और खुला माहौल दिया जाना चाहिए। कम उम्र के खिलाड़ी पर अत्यधिक अपेक्षाओं का बोझ नहीं डालना चाहिए।’’
भारतीय टीम की एकादश में सूर्यवंशी को शामिल किए जाने के सवाल पर कपिल ने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि चयन का आधार केवल खिलाड़ी की क्षमता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘सचिन भी लगभग इसी उम्र में भारतीय टीम के लिए खेले थे। उस समय हमें भी लगता था कि शायद उन्हें थोड़ा जल्दी मौका दिया जा रहा है, लेकिन इतिहास बताता है कि कई बार देर करना भी गलत साबित हो सकता है।’’
कपिल ने कहा, ‘‘अगर वैभव तैयार हैं तो उनकी उम्र नहीं देखनी चाहिए। आपको अगर लगता है कि वह अपनी क्षमता के दम पर टीम में जगह बनाने के योग्य हैं, तो उसे जरूर खिलाना चाहिए।’’
भाषा आनन्द नमिता
नमिता

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