‘कुछ हितधारकों’ ने राष्ट्रीय टीम की प्रतिबद्धता के बजाय अपनी परियोजनाओं पर ध्यान लगाया था: स्टिमक

‘कुछ हितधारकों’ ने राष्ट्रीय टीम की प्रतिबद्धता के बजाय अपनी परियोजनाओं पर ध्यान लगाया था: स्टिमक

‘कुछ हितधारकों’ ने राष्ट्रीय टीम की प्रतिबद्धता के बजाय अपनी परियोजनाओं पर ध्यान लगाया था: स्टिमक
Modified Date: November 29, 2022 / 08:40 pm IST
Published Date: June 18, 2022 10:54 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) भारतीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच इगोर स्टिमक ने शनिवार को देश में खेल से जुड़ी कुछ ताकतवर संस्थाओं पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि ‘कुछ हितधारकों’ ने राष्ट्रीय टीम के स्तर को बढ़ाने के बजाय अपनी योजनाओं पर ध्यान लगाया था।

यह पहली बार नहीं है जब स्टिमक ने मैदान के खेल के इतर फुटबॉल प्रबंधन से संबंधित चीजों के बारे में बात की हो। भारत को कोलकाता में ग्रुप डी में शीर्ष पर पहुंचाकर 2023 एएफसी एशियाई कप के लिये क्वालीफाई करने के एक दिन बाद उन्होंने राष्ट्रीय महासंघ की खराब स्थिति की आलोचना की।

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) का काम इस समय उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) देख रही है क्योंकि प्रफुल्ल पटेल की अगुआई वाले दल को राष्ट्रीय खेल संहिता का उल्लंघन करने के लिये दरवाजा दिखा दिया गया।

स्टिमक ने वर्चुअल मीडिया बातचीत में कहा, ‘‘जब मैं मई 2019 में कोच नियुक्त किया गया था तो मुझे पूरा भरोसा था कि भारत का फुटबॉल देश के तौर पर भविष्य होगा लेकिन मैं जानता था कि यह मुश्किल डगर होगी। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी से राष्ट्रीय टीम के स्तर को ऊंचा करने के लिये मदद की उम्मीद कर रहा था। लेकिन कुछ पक्षों ने अपनी परियोजनाओं पर ही ध्यान लगाये रखा। यह हैरानी करने वाला था। ’’

उन्होंने हालांकि किसी का नाम नहीं लिया। इस क्रोएशियाई का अनुबंध सितंबर में समाप्त हो रहा है।

स्टिमक ने बार बार खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान राष्ट्रीय टीम के उपलब्धता पर जोर दिया है और क्लबों द्वारा खिलाड़ियों को ‘रिलीज’ नहीं करने पर कई बार अपनी नाराजगी भी दिखायी है।

उन्होंने एशियाई कप क्वालीफायर में टीम के शानदार प्रदर्शन का श्रेय टूर्नामेंट से पहले लंबे शिविर के लिये खिलाड़ियों की उपलब्धता को दिया।

स्टिमक ने कहा, ‘‘केवल राष्ट्रीय टीम का प्रदर्शन ही भारतीय फुटबॉल को ऊंचाई तक पहुंचा सकता है, ऐसा इंडियन सुपर लीग नहीं कर सकता। ’’

उनके अनुबंध को बढ़ाने की संभावना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘अनुबंध की शर्तों के अनुसार अगर हम अपना लक्ष्य पूरा करते जो हमने किया (एशियाई कप के लिये क्वालीफाई करना)। अभी मेरा आधा काम नहीं हुआ है इसलिये मैं अभी नहीं जाना चाहता। अगर दूसरा पक्ष वाजिब होता है तो मुझे लगता है कि अनुबंध जून या जुलाई में बढ़ सकता है ताकि राष्ट्रीय टीम के लिये चीजें भी जल्दी शुरू हो सकें। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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