सूर्यवंशी की कहानी प्रेरणादायक, लेकिन इंग्लैंड की चुनौती होगी अलग : सैम कुरन
सूर्यवंशी की कहानी प्रेरणादायक, लेकिन इंग्लैंड की चुनौती होगी अलग : सैम कुरन
मैनचेस्टर, तीन जुलाई (भाषा) इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी सैम कुरन ने वैभव सूर्यवंशी के भारतीय टीम में चयन को ‘अविश्वसनीय कहानी’ करार देते हुए कहा कि इस 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज को अगर इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा पांच मैचों की टी-20 श्रृंखला में पदार्पण का मौका मिलता है तो मेजबान टीम उन्हें रोकने की पूरी कोशिश करेगी।
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाने वाले सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का क्रिकेट जगत बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
भारत के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले की पूर्व संध्या पर कुरन ने कहा, ‘‘यह वाकई एक अविश्वसनीय कहानी है। मैंने लगभग पूरे महीने आईपीएल देखा और वैभव को बल्लेबाजी करते हुए देखकर लगा कि उनके लिए सब कुछ कितना सहज है। उन्हें जो पहचान और सराहना मिल रही है, वह पूरी तरह से उनकी हकदार है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह बेहद स्वाभाविक प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं और इस समय अपने करियर का भरपूर आनंद ले रहे हैं। 15 साल की उम्र में भारत के लिए खेलना किसी सपने के सच होने जैसा है। प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद उनकी प्रतिभा और कौशल की प्रशंसा किए बिना नहीं रहा जा सकता।’’
कुरन का हालांकि मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियां वैभव के लिए नई चुनौती साबित हो सकती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड में हालात अलग होंगे। यहां की पिचें भारत की तुलना में काफी अलग हैं। ऐसे में गेंदबाजों के पास अपनी योजनाओं को लागू कुरने का बेहतर मौका रहेगा।’’
कुरन का इशारा सूर्यवंशी के आईपीएल 2026 के शानदार प्रदर्शन की ओर था, जिसमें उन्होंने 230 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का गौरव हासिल किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम निश्चित तौर पर उनके खिलाफ अपनी रणनीति तैयार करेंगे। हालांकि यह कहना मुश्किल है कि हमारी योजनाएं पूरी तरह सफल होंगी या नहीं, क्योंकि वह इस समय बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे हैं। मेरा प्रयास अपनी गेंदबाजी योजनाओं को सही तरीके से लागू करने का होगा, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि वह बेहद खास खिलाड़ी हैं।’’
कुरन ने साथ ही वैभव को सलाह दी कि अपार लोकप्रियता और प्रशंसा के बीच भी उन्हें जमीन से जुड़े रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में क्रिकेटर होना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। मुझे लगता है कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह इस लोकप्रियता और अपेक्षाओं को किस तरह संभालते हैं। मुझे यकीन है कि उनके आसपास ऐसे लोग हैं जो सही मार्गदर्शन देंगे। लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब उन्हें पदार्पण का मौका मिलेगा ।’’
भाषा आनन्द नमिता
नमिता

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