खेल मंत्री मांडविया ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए माहौल बनाने को देशव्यापी अभियान की योजना बनाई
खेल मंत्री मांडविया ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए माहौल बनाने को देशव्यापी अभियान की योजना बनाई
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) खेल मंत्री मनसुख मांडविया का कहना है कि अहमदाबाद में होने वाले 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए माहौल बनाने के मकसद से मशहूर खिलाड़ियों और युवा नेताओं को शामिल करते हुए एक देशव्यापी अभियान शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
खेल मंत्री ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष डोनाल्ड रुकारे की अगुवाई वाले एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान इस बड़े आयोजन की ‘कुशलतापूर्वक मेजबानी’ सुनिश्चित करने के लिए समय-सीमा तय करने और इसकी विरासत को लेकर योजना बनाने जैसे मुद्दों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई।
मांडविया ने कहा कि भारत, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक देशव्यापी अभियान शुरू कर रहा है ताकि छात्रों के बीच इस बात को लेकर जागरूकता पैदा की जा सके कि खेलों के शताब्दी संस्करण की मेजबानी करना भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
शनिवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा, ‘‘एक देश के तौर पर हम 2030 में अब तक के सबसे बेहतरीन राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहे हैं। इन खेलों में पहले से कहीं अधिक खेल स्पर्धाएं शामिल होंगी, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा होगा और हमारे पास ऐसी प्रतिभाओं का समूह होगा जिन्हें सरकार की कई योजनाओं के माध्यम से पूरा सहयोग मिल रहा है। ’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘इसके साथ ही हम युवा भारतीयों के मन में खेलों के शताब्दी संस्करण की मेजबानी करने को लेकर गर्व की भावना भी जगाना चाहते हैं। युवाओं के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाला यह देशव्यापी अभियान, अधिक से अधिक युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में एक उत्प्रेरक का काम करेगा। यह ऐसी प्रतिभाओं का एक मजबूत समूह तैयार करने में भी मददगार साबित होगा जो 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत के सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ’’
हालांकि खेल मंत्री ने फिलहाल इस संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
दो दशकों के बाद ये खेल एक बार फिर भारत में आयोजित किए जाएंगे। इससे पहले, भारत ने केवल एक बार 2010 में दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी।
जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खेल स्पर्धाओं की सूची को छोटा करके केवल 10 स्पर्धाओं तक सीमित कर दिया गया है। लेकिन, भारत की योजना एक भव्य और वृहद आयोजन करने की है जिसमें क्रिकेट और निशानेबाजी जैसे उन खेलों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्हें इस वर्ष की सूची से बाहर कर दिया गया है।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

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