सुपर आठ: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तिलक और सूर्यकुमार को संभालना होगा मोर्चा

सुपर आठ: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तिलक और सूर्यकुमार को संभालना होगा मोर्चा

सुपर आठ: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तिलक और सूर्यकुमार को संभालना होगा मोर्चा
Modified Date: February 21, 2026 / 11:12 am IST
Published Date: February 21, 2026 11:12 am IST

(कुशान सरकार)

अहमदाबाद, 21 फरवरी (भाषा) ग्रुप चरण में अपने चारों मैच जीतकर खिताब बचाने की अपनी दावेदारी को मजबूत करने वाली भारतीय टीम को टी20 विश्व कप के सुपर आठ में रविवार को यहां दक्षिण अफ्रीका की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की बड़े शॉट खेलने के बजाय स्थिर बल्लेबाजी करने की बदली हुई रणनीति की परीक्षा होगी।

दक्षिण अफ्रीका की टीम के पास कागिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, मार्को यानसन, केशव महाराज और एडन माक्रम के रूप में मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है जो मौजूदा चैंपियन भारत की कड़ी परीक्षा लेने के लिए तैयार है।

दोनों टीमें पिछले दो महीनों में छठी बार एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी और यह देखना बाकी है कि रविवार को कौन सी टीम परिस्थितियों का बेहतर फायदा उठाएगी।

भारतीय टीम को ग्रुप चरण में खास चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा लेकिन वह इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि उसकी बल्लेबाजी में काफी सुधार की जरूरत है।

सलामी बल्लेबाज ईशान किशन (दो अर्धशतक और 202 का स्ट्राइक रेट) को छोड़कर शीर्ष चार में शामिल अन्य तीन बल्लेबाजों ने अभी तक कोई खास कमाल नहीं दिखाया है।

अभिषेक शर्मा लगातार तीन मैच में शून्य पर आउट हो चुके हैं और उन्हें टूर्नामेंट में अपने पहले रन का इंतजार है। सूर्यकुमार और तिलक ने हालांकि सूत्रधार की भूमिका निभाई है लेकिन इन दोनों ने ऐसी पिचों पर सहज प्रदर्शन नहीं किया है जहां गेंद रुककर आ रही हो।

भारत रन बनाने के लिए हार्दिक पंड्या (स्ट्राइक रेट 155) और शिवम दुबे (स्ट्राइक रेट 178) पर भी काफी हद तक निर्भर रहा है। टीम को इन दोनों ऑलराउंडर से फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

अभिषेक के लगातार दो बार ऑफ स्पिनरों के हाथों आउट हुए हैं और इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि दक्षिण अफ्रीका के कप्तान मार्क्रम पावरप्ले में ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी करने का फैसला करते हैं या नहीं।

भारतीय टीम के लिए भले ही अभिषेक की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन पहले चरण में तिलक की लचर बल्लेबाजी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 24 गेंदों में 25 रन, नामीबिया के खिलाफ 21 गेंदों में 25 रन और नीदरलैंड के खिलाफ 27 गेंदों में 31 रन बनाए। इस तरह से वह अभी तक अधिकतर मैच में रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 120 से थोड़ा ऊपर है जो उनके करियर के स्ट्राइक रेट 141 से काफी कम है।

सूर्यकुमार ने अमेरिका के खिलाफ 49 गेंद पर नाबाद 84 रन की मैच विजेता पारी खेलने के बाद कोई खास कमाल नहीं दिखाया है। वह पाकिस्तान या नीदरलैंड के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी में बहुत अधिक सहज नहीं दिखाई दिए। टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 136 है जो उनके करियर के स्ट्राइक रेट 163 से अधिक से काफी कम है।

एक भारतीय टीम जो आठ बल्लेबाजों के साथ खेलती है और विपक्षी टीम और पिच की परवाह किए बिना पूरी क्षमता से खेलने में विश्वास रखती है, वह ऐसे दो बल्लेबाजों को रखने का जोखिम नहीं उठा सकती जो उन पिच पर खुलकर रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं जहां गेंद रुककर आ रही हो।

लेकिन जो बात भारत को एक खतरनाक टीम और उसे अब भी खिताब का प्रबल दावेदार बनाती है, वह है उसका गेंदबाजी आक्रमण जिसमें जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती के महत्वपूर्ण आठ ओवर शामिल हैं।

पहले चरण में पाकिस्तान सहित कोई भी अन्य टीम भारतीय गेंदबाजों का सहजता से सामना नहीं कर पाई थी।

चक्रवर्ती ने चार मैचों में नौ विकेट लिए हैं और उन्होंने 5.16 की शानदार इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की है। बुमराह ने जो तीन मैच खेले हैं उसमें उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए प्रति ओवर केवल छह रन ही दिए हैं।

लेकिन क्विंटन डीकॉक, मार्क्रम, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, रयान रिकलेटन, डेविड मिलर और मार्को यानसन जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों के सामने पूरी गेंदबाजी इकाई को अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से यह भी पता चलेगा कि टूर्नामेंट के अंतिम चरण में भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहेगा।

जहां तक ​​टीम में बदलाव की बात है तो भारत अर्शदीप सिंह की जगह कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर की जगह अक्षर पटेल को वापस अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है।

जहां तक ​​दक्षिण अफ्रीका की बात है यानसन, एनगिडी और महाराज वापसी करेंगे। उन्हें यूएई के खिलाफ मैच में आराम दिया गया था।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: सुयकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह।

दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्क्रम (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, मार्को यानसन, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, केशव महाराज, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नार्किया, क्वेना मफाका, जॉर्ज लिंडे, जेसन स्मिथ।

मैच शुरू होने का समय: शाम सात बजे।

भाषा

पंत

पंत


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