सूर्यवंशी ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्ड, भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने

सूर्यवंशी ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्ड, भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने

सूर्यवंशी ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्ड, भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने
Modified Date: July 4, 2026 / 06:50 pm IST
Published Date: July 4, 2026 6:50 pm IST

मैनचेस्टर, चार जुलाई (भाषा) बिहार के समस्तीपुर जिले के 15 वर्षीय प्रतिभाशाली क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय लिखते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले देश के सबसे युवा खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

उन्होंने लगभग 37 वर्षों से कायम महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

दोनों खिलाड़ियों के दौर और बल्लेबाजी शैली में जमीन-आसमान का अंतर है। सचिन ने 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उनकी बल्लेबाजी मजबूत रक्षात्मक तकनीक और कलात्मक स्ट्रोक्स के लिए जानी जाती थी, जो मुंबई की ‘खड़ूस’ क्रिकेट संस्कृति की पहचान मानी जाती है।

सूर्यवंशी ने महज 15 वर्ष 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से भारतीय टीम में पदार्पण किया। उनकी बल्लेबाजी आक्रामक अंदाज की है जो आधुनिक टी-20 क्रिकेट की तेज-तर्रार शैली के अनुरूप है।

साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची टेस्ट में सचिन का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच सीमित तकनीकी संसाधनों के बीच प्रसारित हुआ था जबकि सूर्यवंशी का हर कदम आधुनिक 4के कैमरों और सोशल मीडिया की निगरानी में आगे बढ़ रहा है। यह भारतीय क्रिकेट और तकनीक के बदलते दौर की तस्वीर भी पेश करता है।

आज की युवा पीढ़ी के प्रतिनिधि सूर्यवंशी पहले ही स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के जरिए करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय हो चुके हैं। यह भारतीय क्रिकेट के उस सफर का प्रतीक है जिसने पिछले तीन दशकों में वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां हासिल की हैं।

यह कहा जा सकता है कि भारतीय क्रिकेट में जिस बदलाव की शुरुआत सचिन तेंदुलकर ने की थी, सूर्यवंशी सूर्यवंशी उसी विरासत का नया विस्तार हैं।

नवंबर 1989 में जब सचिन ने कराची के नेशनल स्टेडियम में इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनिस और अब्दुल कादिर जैसे दिग्गज गेंदबाजों का सामना किया था, तब दुनिया का राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य भी अलग था। उस समय बर्लिन की दीवार मौजूद थी, सोवियत संघ अस्तित्व में था और भारत में आर्थिक उदारीकरण का दौर शुरू नहीं हुआ था।

तकनीक के क्षेत्र में भी समय ने लंबी छलांग लगाई है। सचिन फ्लॉपी डिस्क के दौर के खिलाड़ी थे जबकि सूर्यवंशी की पीढ़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित भविष्य की ओर बढ़ रही है।

बदलते समय के बावजूद एक बात समान है कि देश को अपनी नयी क्रिकेट प्रतिभाओं में भविष्य की उम्मीदें नजर आती हैं। सचिन के बाद शायद ही किसी युवा खिलाड़ी के पदार्पण को लेकर पूरे देश में ऐसा उत्साह देखने को मिला हो।

इंग्लैंड से पहले आयरलैंड पहुंचने के बाद से ही प्रशंसक सूर्यवंशी के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। लोकप्रियता का आलम यह रहा एक प्रशंसक ने राजस्थान रॉयल्स द्वारा नियुक्त उनके संरक्षक रोमी भिंडर के साथ भी सेल्फी खिंचवाई, वो भी केवल इसलिए कि वह सूर्यवंशी से जुड़े व्यक्ति के साथ तस्वीर लेना चाहता था।

सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के इस दौर में हर प्रशंसक मानो एक डिजिटल रिपोर्टर बन गया है। सार्वजनिक जीवन और निजी जीवन के बीच की सीमाएं भी पहले की तुलना में काफी धुंधली हो चुकी हैं।

फिलहाल सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई है। आने वाले वर्षों में उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।

कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों की सूची:

सबसे कम उम्र के भारत के लिए पदार्पण करने वाले खिलाड़ी (पुरुष): वैभव सूर्यवंशी (15 वर्ष, 99 दिन)।

सबसे कम उम्र की भारत के लिए पदार्पण करने वाले खिलाड़ी(महिला): शेफाली वर्मा (15 वर्ष, 239 दिन)।

सबसे कम उम्र के टेस्ट पदार्पण करने वाले खिलाड़ी (पुरुष): पाकिस्तान के हसन रजा (14 वर्ष और 227 दिन)।

सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले खिलाड़ी (टी20 अंतरराष्ट्रीय): रोमानिया के मारियन घेरासिम (14 वर्ष, 16 दिन)।

भाषा

आनन्द नमिता

नमिता


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