दो मैच आकलन के लिए काफी नहीं, नाइट राइडर्स के बल्लेबाजों को समय देने की जरूरत: एलेन

दो मैच आकलन के लिए काफी नहीं, नाइट राइडर्स के बल्लेबाजों को समय देने की जरूरत: एलेन

दो मैच आकलन के लिए काफी नहीं, नाइट राइडर्स के बल्लेबाजों को समय देने की जरूरत: एलेन
Modified Date: April 13, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: April 13, 2026 7:55 pm IST

चेन्नई, 13 अप्रैल (भाषा) कोलकाता नाइट राइडर्स के सलामी बल्लेबाज फिन एलेन ने सोमवार को अपने साथियों से निराशाजनक शुरुआत के बाद खुद को लय हासिल करने के लिए समय देने की अपील की। उन्होंने साथ ही तीन बार के आईपीएल विजेताओं के आकलन में धैर्य रखने को भी कहा।

नाइट राइडर्स के नाम पर चार मैच में सिर्फ एक अंक हैं जो पंजाब किंग्स के खिलाफ कोलकाता में मैच बारिश की भेंट चढ़ने के बाद मिला है। तीन हार के साथ अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली टीम अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर है और मंगलवार को यहां चेन्नई सुपरकिंग्स से भिड़ेगी।

एलेन ने यहां मैच की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह टी20 क्रिकेट की प्रकृति है। अभी कुछ ही मैच हुए हैं। मुझे नहीं लगता कि आप दो मैच से बहुत अधिक आकलन कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत रूप से मैंने पहले दो मैच में अच्छी शुरुआत की थी। मैं और अधिक बल्लेबाजी करना पसंद करूंगा लेकिन तैयारी अच्छी रही है और उम्मीद है कि यह (एक बड़ी पारी) करीब है।’’

एलेन ने कहा कि नाइट राइडर्स के बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए क्रीज पर खुद को अधिक समय देने की जरूरत है। उन्होंने साथ ही स्वीकार किया कि वे अभी तक ईडन गार्डन्स में घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाने में नाकाम रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारे सभी बल्लेबाज अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और हम काफी तेज गति से रन बनाएं, हमें यही संतुलन बनाना है।’’

एलेन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि शायद हम कोलकाता की परिस्थितियों से सामंजस्य नहीं बैठा पाए हैं। पिच शायद उतनी सपाट नहीं है जितनी आमतौर पर होती है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उस विकेट पर अच्छा स्कोर क्या है।’’

इस बीच टीम प्रबंधन ने बताया कि स्पिनर वरुण चक्रवर्ती अंगुली चोट के कारण लखनऊ सुपर जाइंट्स के खिलाफ पिछले मैच से बाहर रहने के बाद ट्रेनिंग कर रहे हैं।

टीम के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘वरुण ट्रेनिंग कर रहे हैं। उनके हाथ पर पट्टी बंधी है लेकिन फिर भी वह ट्रेनिंग कर रहे हैं।’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द

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