शुरुआत में हमने अपने ऊपर दबाव डाल दिया: हरमनप्रीत

शुरुआत में हमने अपने ऊपर दबाव डाल दिया: हरमनप्रीत

शुरुआत में हमने अपने ऊपर दबाव डाल दिया: हरमनप्रीत
Modified Date: June 14, 2026 / 10:58 pm IST
Published Date: June 14, 2026 10:58 pm IST

बर्मिंघम, 14 जून (भाषा) भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप एक मैच में रविवार को यहां पाकिस्तान के खिलाफ 64 रन की आसान जीत के बाद कहा कि उनकी टीम ने शुरुआत में अपने ऊपर गैरजरूरी दबाव डाल दिया था।

भारत के 171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा (10 रन पर पांच विकेट) के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के सामने 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई। बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी (21 रन पर तीन विकेट) और शैफाली वर्मा (22 रन पर एक विकेट) ने भी दीप्ति का अच्छा साथ निभाया।

स्मृति मंधाना ने इससे पहले दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए 44 गेंद में नौ चौकों और दो छक्कों से 68 रन की पारी खेलने के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर (36 रन, 35 गेंद, चार चौके) के साथ तीसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी भी की जिससे भारत ने छह विकेट पर 170 रन बनाए जो टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ उसका सर्वोच्च स्कोर है।

ऋचा घोष ने अंत में 17 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के से 34 रन की पारी खेली और दीप्ति शर्मा (नाबाद 12) के साथ छठे विकेट के लिए सिर्फ 21 गेंद में 45 रन की तेजतर्रार साझेदारी भी की।

हरमनप्रीत ने मैच के बाद स्मृति और दीप्ति की सराहना करते हुए कहा, ‘‘जब भी हमें जरूरत होती है वे टीम का हौसला बढ़ाने के लिए हमेशा मौजूद रहती हैं। पिच ठीक-ठाक थी। शुरुआत में हमने बिना वजह खुद पर दबाव बना लिया था लेकिन जब स्मृति और मैं बल्लेबाजी कर रहे थे तो हमने खेल को नियंत्रित करने की कोशिश की।’’

पारी के अंतिम ओवरों में तेजतर्रार बल्लेबाजी करने वाली ऋचा के संदर्भ में हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘अगर यह मेरे हाथ में होता तो मैं उसे पहली ही गेंद पर भेजना पसंद करती। लेकिन उसकी एक भूमिका है और वह अच्छा कर रही है।’’

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 166 विकेट के साथ सबसे सफल गेंदबाज और मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनीं गई दीप्ति ने कहा कि उन्हें इस तरह की विकेट काफी रास आती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुक्रगुजार हूं और मुझे इस तरह की पिच पसंद हैं। मुझे आईसीसी टूर्नामेंट पसंद हैं। गेंद टर्न हो रही थी इसलिए मैं हर गेंद और हर ओवर में अपनी गति में बदलाव करती रही। गेंद टर्न हो रही थी इसलिए मैंने सोचा कि मुझे धीमी गति से गेंदबाजी करनी चाहिए और इससे मुझे मदद मिली।’’

भाषा सुधीर

सुधीर


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