सड़क किनारे 15 घंटे पड़ी रही लाश, मर गई इंसानियत, सोता रहा सिस्टम

सड़क किनारे 15 घंटे पड़ी रही लाश, मर गई इंसानियत, सोता रहा सिस्टम

सड़क किनारे 15 घंटे पड़ी रही लाश, मर गई इंसानियत, सोता रहा सिस्टम
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: July 11, 2017 4:14 pm IST

 

सड़क किनारे लाश. ये मंजर डराता है..झकझोरता है…ये कहता है कि इंसानियत इतनी सस्ती कैसे हो गई..इंसान होने का हक-हकूक इतने बेमायने कैसे हो गए । गरियाबंद के पिपरछेड़ी इलाके में लिटिपारा की घटना है…जहां आधी रात को हुबलाल सोरी नाम का एक ग्रामीण सड़क हादसे में अपनी जान गंवा बैठा। क्षत-विक्षत लाश करीब 15 घंटे सड़क किनारे पड़ी रही। इसी बीच सैकड़ों लोग वहां से गुजरे..पर कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। गरीब परिजन थाने में गुहार लगाते हैं..पर मदद नहीं मिली। एंबुलेंस के लिए फोन लगाते रहे..पर हाथ आई सिर्फ मायूसी…आखिर परिजन खाट पर लाश को लादकर लिटिपारा स्थित अपने घर तक ले गए पर संकट यही खत्म नहीं हुआ..उन्हें लाश को पोस्टमार्टम के लिए छूरा ले जाने की वाहन की जरूरत थी..एंबुलेंस मिली नहीं..नतीजा..गरीब परिवार ने 5 हजार का कर्ज लेकर पिकअप से उसे मरचुरी तक पहुंचाया। हादसे के 30 घंटे बाद आखिरकार उस लाश का पोस्टमार्टम हो सका। ये मामूली 30 घंटे नहीं थे..ये वो काठ कलेजा वक्फा था..जो इस दौरान लिखता रहा हमारे सिस्टम के नाकारेपन..उसकी बेरहमी..और उसकी संवेदनहीनता का जिंदा हलफनामा ।

 


लेखक के बारे में