28 हफ्ते के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति, रेप की शिकार हुई थी नाबालिग

28 हफ्ते के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति, रेप की शिकार हुई थी नाबालिग

28 हफ्ते के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति, रेप की शिकार हुई थी नाबालिग
Modified Date: November 29, 2022 / 08:27 pm IST
Published Date: March 23, 2018 7:14 am IST

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मुरैना में करीब 7 महीने पहले बलात्कार की शिकार हुई नाबालिक लड़की को डॉक्टरों की देखरेख में गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है।खास बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के मुताबिक सिर्फ 20 हफ्ते के ही भ्रूण का गर्भपात किया जाता है. लेकिन इस विशेष मामले में 28 हफ्ते के भ्रूण को निकालने की अनुमति हाईकोर्ट ने दी है.

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दरअसल अगस्त-सितंबर 2017 में मुरैना के बागचीनी इलाके में 17 साल की नाबालिक से मोहर सिंह नाम के युवक ने रेप किया था. लड़की ने डर के चलते ये घटना किसी को नहीं बताई। लेकिन जब उसके पेट में पल रहा भ्रूण बढ़ने लगा तो उसने फरवरी 2018 में अपने परिवार को इसकी जानकारी दी. जिसके बाद आरोपी मेहर सिंह और सहयोग करने वाले उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया.

केस चूंकि नाबालिक लड़की से जुड़ा था. और उसे 28 हफ्ते का भ्रूण हो चुका था. इसलिए पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और हाईकोर्ट ने इस पर लड़की के शारीरिक, मानसिक और चिकित्सीय पहलू पर विशेषज्ञों की राय मांगी।

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कई विशेषज्ञों ने गर्भपात में लड़की की जान को खतरा बताया. लेकिन कमलाराजा अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ यशोधरा गौर ने कोर्ट ने तीन पहलू रखे. जिस पर कोर्ट ने पाया कि गर्भपात ना कराने से लड़की पर दोहरा आघात होगा. इसलिए डॉक्टरों की देखरेख में शुक्रवार को गर्भपात कराने की अनुमति दी गई है।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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