संवैधानिक प्रावधानों की रक्षा के लिए अमित जोगी ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र
संवैधानिक प्रावधानों की रक्षा के लिए अमित जोगी ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र
छत्तीसगढ़ की राजनीति में जोगी ग्रुप की सियासत हमेशा कुछ नया रंग लाती है। इस बार छोटे जोगी याने अमित जोगी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है. उनके लिखे पत्र ने भाजपा ग्रुप में थोड़ी हलचल पैदा कर दी है। अमित जोगी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष पर पदस्थ नंदकुमार साय ने गुजरात चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में प्रचार किया है। साय का कहना है कि चूँकि वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं इसलिए वे चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
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लेकिन किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से यह अपेक्षित है कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करे.लेकिन साय द्वारा सभी संवैधानिक प्रावधानों को ताक पर रखकर खुल्लम खुल्ला भाजपा के पक्ष में प्रचार करने से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा हो रहा है। इसके साथ ही अमित जोगी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि नंदकुमार साय बर्खास्त किया जाये। अपने पत्र में जोगी ने राष्ट्रपति को लिखा है कि इस पत्र के माध्यम से राष्ट्रपति के संज्ञान में एक अत्यंत गंभीर विषय लाना चाहते हैं जो सीधे हमारे संवैधानिक प्रावधानों की रक्षा से जुड़ा हुआ है। अमित जोगी ने आगे लिखा है कि चूँकि राष्ट्रपति भारत के संविधान के अंतर्गत दिए गए संवैधानिक प्रावधानों के संरक्षक हैं अतः उनसे निवेदन है कि इस विषय पर हस्तक्षेप करे और सवैधानिक पदों की दूरोपयोगिता को रोके।
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