बजट सत्र, सदन में मांस बिक्री, पेयजल के साथ कई अहम मुद्दों की गूंज, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

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बजट सत्र, सदन में मांस बिक्री, पेयजल के साथ कई अहम मुद्दों की गूंज, जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

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  • Publish Date - February 27, 2019 / 08:30 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:36 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को खुले में मांस बिक्री का मामला सदन में गूंजा। बीजेपी विधायक ने ध्यानाकर्षण के जरिये ये मामला उठाया । नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि गरियाबंद में कोई स्लाटर हाउस नहीं है । मंत्री ने कहा कि खुले में मांस बिक्री नहीं हो रही है । मंत्री के जवाब से असन्तुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया । सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि 12 जिलों में इनसिलेटर लगा हुआ है । राजनांदगांव, जगदलपुर में भी चालू किया जा चुका है । बिलासपुर में स्लाटर हाउस संचालित नहीं है । इसलिए इसे लगाने की जरूरत नहीं है । शिवरतन शर्मा ने पूछा कि क्या मांस वितरित के लिए शहरी इलाकों में कोई स्थान आबंटित की गई है? धर्मजीत सिंह ने पूछा कि मंत्री ने कहा कि बिलासपुर में स्लाटर हाउस नहीं है तो वहां मटन जैसे मांस कहां से बिक रहे हैं । मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि 10 से ज्यादा जानवर कटने वाली जगह को स्लाटर हाउस कहते है । डिमांड आने पर स्लाटर हाउस खोला जाएगा । इससे मंत्री के जवाब से असन्तुष्ट बीजेपी विधायकों ने सदन से वाकआउट किया ।

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कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने फैक्ट्री नियमों के शिकायत को लेकर सवाल उठाया। जिसपर श्रम मंत्री ने कहा कि सोना बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की शिकायत मिली थी। इसकी जांच में कारखाना अधिनियम 1948 के तहत कार्रवाई की गई थी। सुरक्षा नियमों में उल्लंघन की वजह से नोटिस दिया गया था। 30 हजार का अर्थदण्ड किया गया था। विधायक ने जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जय बालाजी इंडस्ट्री लिमिटेड की पीएमओ तक शिकायत की गई। 600 मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया गया है। वहीं जेसीसीजे धरमजीत सिंह ने रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी शुद्ध पेयजल नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि  सरकार के मिशन अमृत के पैसे से नाली कांक्रीट रोड बनाई गई है। इसके योजना के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसकी जांच की जानी चाहिए। इस पर मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि स्मार्ट योजना के तहत ये काम हुए है। हमारी सरकार लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गंभीर है। धरमजीत ने कहा कि पिछले 3 सालों में जो गड़बड़ी हुई उसकी जांच कराएंगे क्या
? अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि पांच सालों की जांच कराएं।

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कांग्रेस विधायक विनय कुमार भगत ने जशपुर जिले के जशपुर से सन्ना मार्ग निर्माण के लिए जारी निविदा एवं लागत राशि को लेकर सवाल उठाया
। उन्होंने पूछा इस मार्ग के लिए टेंडर कब जारी हुई, और किसे दिया गया। पूर्णावधि क्या थी? जवाब में लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि जशपुर-सन्ना मार्ग के लिए पहला टेंडर 15 दिसम्बर 2011 में मेसर्स हर्ष कंट्रक्शन अम्बिकापुर को दिए थे 150.7 करोड़ का अनुबंध था
। अधूरे कार्य की वजह से उनका टेंडर निरस्त कर दिया गया । 3-4 अधिकारी पर भी कार्रवाई की गई। फिर वीरेंद्र कुमार सिंह को दूसरा टेंडर दिया गया, उसने भी अधूरा छोड़ दिया, उसे भी निरस्त कर दिया गया । मामले में 3-4 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। उसके बाद मेसर्स क्लासिक नेटवर्क प्रा. लि. को टेंडर दिया गया है15 जून 2018 तक कार्य पूरा होना था, पूरा नहीं हो पाने पर समय अवधि बढ़ाई गई है।

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वहीं कांग्रेस के शैलेश पांडेय ने बिलासपुर में अमृत मिशन योजना और सीवरेज लाइन बिछाते समय 20 से अधिक श्रमिकों के मौत का मामला उठाकर पूछा कि मुआवजे के रूप में उन्हें कितनी राशि दी गई है। इसकी जानकारी मांगी गई। इस पर अध्यक्ष ने भी पूछा कि मृतक श्रमिकों को मुआवजा देने की व्यवस्था है क्या? मंत्री शिव ड़हरिया ने बताया कि श्रमिकों की सुरक्षा दुरुस्त करने के लिए कम्पनी को नोटिस दिया गया है।  अगर सुरक्षा में कोई कोताही बरती जाती है तो कार्रवाई की जाएगी । अमृत मिशन योजना के तहत काम के दौरान मृत श्रमिक को 5 लाख रुपए मुआवजा दिया गया है।अजित जोगी ने कहा कि नाली नाली खोद खोद कर बिलासपुर को बर्बाद कर दिया गया है। 20 से अधिक श्रमिकों की मौत हो गई है  उन्होंने आधुनिक तकनीक से खुदाई करने की सलाह दी। विपक्षी सदस्य भी सवाल करने लगे तो मंत्री ने कहा कि सभी सवालों का एक साथ जवाब दूंगा।  इस पर भाजपा सदस्य ने कहा कि मंत्री जवाब देने से बचते हुए समय पास कर रहें है।