सोनकच्छ की भौगोलिक स्थिति
देवास जिले में आती है सोनकच्छ विधानसभा सीट
SC वर्ग के लिए आरक्षित है सीट
जनसंख्या- करीब 4 लाख
कुल मतदाता- 2 लाख 7 हजार251
पुरुष मतदाता- 1 लाख 8 हजार 282
महिला मतदाता- 98हजार966
फिलहाल सीट पर भाजपा का कब्जा
भाजपा के राजेन्द्र वर्मा हैं वर्तमान विधायक
सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र की सियासत
देवास जिले में आने वाली सोनकच्छ विधानसभा सीट की सियासत की बात करें तो 2011 से यहां भाजपा का कब्जा है..अब जब चुनावी साल है तो सोनकच्छ में सियासी माहौल गरमाने लगा है.. और टिकट के लिए कई दावेदार क्षेत्र में सक्रिय नजर आने लगे हैं…भाजपा में जहां वर्तमान विधायक के अलावा कई नेता टिकट के लिए दावा कर रहे हैं ..वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से सज्जन सिंह वर्मा एक बार फिर यहां से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं ।
सामाजिक और सांस्कृति विविधताओं से परिपूर्ण सोनकच्छ एससी वर्ग के लिए आरक्षित है..सीट पर फिलहाल सत्तारूढ़ भाजपा का कब्जा है..और राजेंद्र वर्मा यहां से मौजूदा विधायक हैं। सोनकच्छ की सियासत की बात करें तो यहां बिना जाति समीकरण को साधे जीत हासिल करना मुश्किल ही रहा है। यहां 40 फीसदी अनुसूचित जाति-जनजाति के वोटर्स सबसे ज्यादा हैं..जो प्रत्याशियों के किस्मत का फैसला करते हैं..वहीं 30 फीसदी ठाकुर वोटर के साथ 30 फीसदी वोटर सेंधव और अन्य जाति के हैं। यानी इस बार भी राजनीतिक दलों के लिए इस समीकरण को दरकिनार करना इतना आसान नहीं होगा…अब जब चुनावी साल है तो भाजपा और कांग्रेस में टिकट के लिए कई नेता जोर लगा रहे हैं.
भाजपा के संभावित उम्मीदवारों की बात करें तो वर्तमान विधायक राजेंद्र वर्मा का नाम सबसे आगे है। हालांकि जनता से दूरी उनके खिलाफ जा सकती है। वहीं भाजपा के अनूसूचित जाती के कार्यकर्ता और नेता मनीष सोलंकी भी पार्टी से टिकट की मांग कर ररहे हैं । वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में सज्जन सिंह वर्मा एक बार फिर यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। 2011 में लोक सभा चुनाव के चलते सोनकच्छ विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था..लेकिन शाजापुर लोकसभा चुनाव हारने के बाद फिर सोनकच्छ विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में वापस सज्जन सिह वर्मा चुनाव लड़ेंगे। कुल मिलाकर इस बार सोनकच्छ विधानसभा में मुकाबला दिलचस्प रहेगा।
सोनकच्छ के विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे
मुद्दों की बात करें तो सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र में कई मुद्दे हैं..जिनका शोर आगामी चुनाव में जमकर सुनाई देगा..लेकिन क्षेत्र की जनता अपने विधायक की निष्क्रियता को लेकर सबसे ज्यादा नाराज हैं..जाहिर है आने वाले चुनाव में वर्तमान विधायक के लिए चुनाव जीतना इतना आसान नहीं होगा। देवास जिले में आने वाली सोनकच्छ विधानसभा सीट का सबसे बड़ा मुद्दा यहां के वर्तमान विधायक हैं..जो क्षेत्र में लगातार में निष्क्रिय रहे हैं..इसके अलावा भी कई ऐसे मुद्दे हैं जो आगामी चुनाव में गूंज सकते हैं।
स्थाई बस स्टैंड ना होने से आम जनता को बस के लिए 3 km दूर इंदौर भोपाल बाईपास पर जाना पड़ता है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं का भी बुरा हाल है सोनकच्छ का स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार होता नजर आता है और आए दिन इलाज के आभाव में मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है और ड्यूटी डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा समय पर ड्यूटी ना करने का खामियाजा आम जनता और मरीज के परिजनों को उठाना पड़ता है..जबकि पुलिस सुरक्षा पर सवालिया निशान। सोनकच्छ थाना क्षेत्र में पिछले 1 महीने में 10 से अधिक घरों में चोरी का सिलसिला जारी है और इसी के चलते आम जनता नींद उड़ी हुई है और पुलिस हर चोरी के मामलों में बस जांच करने की दलील देती नजर आती है।
वेब डेस्क, IBC24