सिंचाई विभाग की मनमानी, किसानों से जमीन लेकर काम भी शुरु लेकिन नहीं दिया मुआवजा

सिंचाई विभाग की मनमानी, किसानों से जमीन लेकर काम भी शुरु लेकिन नहीं दिया मुआवजा

सिंचाई विभाग की मनमानी, किसानों से जमीन लेकर काम भी शुरु लेकिन नहीं दिया मुआवजा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: March 12, 2019 12:14 pm IST

गरियाबंद। सिंचाई विभाग की मनमानी जिले के किसानों पर भारी पड़ती जा रही है। विभाग ने मुआवजा दिए बगैर ही किसानों की भूमि अधिग्रहण करके उस पर सालभर से काम भी शुरू कर दिया। जमीन छिनने ओर उसके बदले मुआवजा नहीं मिलने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

मामला देवभोग क्षेत्र में अमाड़ व्यपर्तन योजना से जुड़ा है। योजना के लिए दो साल पहले 63 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। सिंचाई विभाग ने काम करने के लिए माडागांव के 19 और करलामुड़ा के 8 किसानों की कुल 20 हैक्टेयर जमीन कब्जे में लेकर काम शुरू कर दिया है। काम शुरू हुए भी सालभर का समय बीत गया मगर किसानों को अबतक अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा नही मिल पाया है। देवानंद सोरी जैसे 8 किसान तो ऐसे है जिनकी पूरी जमीन विभाग ने अपने कब्जे में ले रखी है। पीड़ित किसानों ने देवभोग एसडीएम से मिलकर 15 दिन में मुआवजा दिलाने की मांग की है।

यह भी पढ़ें : टिकट कटने की खबर से घबराए साक्षी महाराज, पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा- नतीजे अच्छे नहीं होंगे 

ऐसे किसानों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में सपरिवार कार्यस्थल पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि जमीन ही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया था मगर सिंचाई विभाग ने वह भी उनसे छीन लिया। उसके बदले में मुआवजा भी उन्हें नहीं दिया जबकि बिना मुआवजा दिए जमीन अधिग्रहण करने का प्रावधान नही है। ऐसी स्थिति में उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं मामले में ना तो देवभोग एसडीएम कुछ बोलने को तैयार है और ना ही सिचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कुछ कहने को राजी हैं।


लेखक के बारे में