मप्र: व्यापमं घोटाला पार्ट 2, फिर सामने आने लगे मुन्नाभाई
मप्र: व्यापमं घोटाला पार्ट 2, फिर सामने आने लगे मुन्नाभाई
व्यापमं घोटाले के बाद व्यापमं घोटाला पार्ट 2 की शुरूआत हो चुकी है….साल 2013 में व्यापमं घोटाला उजागर होने के बाद से दावा किया जा रहा था कि आगे कोई भी परीक्षा होगी तो उसमें नकल की गुंजाइश ना के बराबर होगी…किसी भी स्तर पर होनहार युवकों के भविष्य से मुन्नाभाई और बड़े रैकेटियर खिलवाड़ नहीं कर पाएंगें…लेकिन अभी जो सच्चाई सामने आ रही है उसके बाद प्रदेश सरकार के सभी वादे धरे के धरे रह गए हैं।
शिक्षा जगत के सबसे बड़े घोटाले व्यापमं फर्जीवाड़े की जांच की धीमी गति को लेकर सवाल उठ ही रहे थे…वहीं दूसरी तरफ मुन्नाभाईयों की गिरफ्तारी से पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं….व्हिसल ब्लोअर के मुताबिक ये व्यापमं घोटाला पार्ट टू है….दरअसल बिलखिरिया स्थित सेम इंजीनियरिंग कालेज में चल रही जेल प्रहरी की परीक्षा में दो युवक गिरफ्तार हुए हैं….युवकों की गिरफ्तारी में खुलासा हुआ कि अनिल की जगह हरियाणा का मुन्नाभाई मुकेश परीक्षा दे रहा था….जब बिलखिरिया थाना पुलिस और सीबीआई ने पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि मुकेश इससे पहले भी भोपाल में आयोजित कई परीक्षाओं में पैसे लेकर शामिल हो चुका है। सबसे बड़ा खुलासा ये हुआ कि भोपाल पुलिस की नाक के नीचे पूरा नेटवर्क दोबारा खड़ा हो गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
दरअसल सीबीआई को लंबे समय से प्रदीप त्यागी नाम के शातिर रैकेटियर की तलाश थी….प्रदीप की तलाश में सीबीआई भोपाल के बिलखिरिया इलाके पहुंची तो पूरे व्यापमं पार्ट 2 का खुलासा हुआ….आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे के मुताबिक व्यापमं घोटाला उजागर होने के बाद सरकार ने नकल और फर्जीवाड़ा ना हो इसके लिए विदेशी कंपनी को व्यापमं की परीक्षाएं आयोजित करने का एमओयू किया था….सरकार की ही एक समिति के सुझाव के बाद से व्यापमं की परीक्षाएं यूएसटी ग्लोबल आयोजित करा रही है….आरटीआई एक्टिविस्ट के मुताबिक नए कान्ट्रेक्ट से सिर्फ और सिर्फ यूएसटी ग्लोबल और सरकार को फायदा हो रहा है और फर्जीवाड़ा पहले की तरह ही चल रहा है।
इन सवालों के जवाब कौन देगा…..
1.पुलिस बता रही है कि तीन आरोपियों को पकड़ा है लेकिन आरटीआई एक्टिविस्ट के मुताबिक पुलिस मामले को दबाने का काम कर रही है…समाजसेवी के मुताबिक इस मामले में 5 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए थे लेकिन बाकी को छोड़ दिया।
2.आरोपियों की गिरफ्तारी से एग्जाम का ठेका लेने वाली यूएसटी ग्लोबल पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं….दरअसल पारदर्शिता का हवाला देकर यूएसटी ग्लोबल को ठेका दिया गया था लेकिन गिरफ्तार आरोपियों से 37 होलो स्टीकर मिले हैं….जो कि अपने आप में गंभीर मुद्दा है।
3.व्हिसल ब्लोवर का आरोप है कि व्यापमं में धांधली चलती रहे इसी के चलते अब तक व्यापमं में फुल टाइम चैयरमेन की नियुक्ती नहीं की गई है।
4.जेल प्रहरी परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों का सुराग सीबीआई ने दिया ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि भोपाल पुलिस और लोकल इंटेलीजेंस को फर्जीवाड़े की भनक क्यों नहीं लगी।
5.आरोप ये भी है कि पिछले दो साल में 130 ऐसे प्रकरण सामने आ चुके हैं जिन्में मुन्नाभाई और रेकेटियर्स की संलिप्तता थी फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
व्हिसल ब्लोअर अजय दुबे और पारस सकलेता का आरोप है कि व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर होने के बाद भी लगातार व्यपामं घोटाला पार्ट टू जारी है….व्हिसल ब्लोअर्स का आरोप है कि पिछले दो साल से व्यापमं के अधिकारियों और बड़े रेकेटियर्स की सांठगांठ से व्यापमं घोटाला पार्ट टू हो रहा है……ऐसे में पिछली कुछ परीक्षाएं निरस्थ करनी चाहिए….इसके अलावा यूएसटी ग्लोबल का कान्ट्रेक्ट खत्म कर व्यापमं पार्ट टू में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी होना चाहिए….आरटीआई एक्टविस्ट का तो ये भी आरोप है कि व्यापमं घोटाला पार्ट टू में कहीं ना कहीं बेल आउट सरगनाओं की भी मिलीभगत है जिसका पर्दाफाश होना बहुत जरूरी है।

Facebook


