एक बार फिर सरकार और शिक्षाकर्मियों के बीच हुई वार्ता फेल
एक बार फिर सरकार और शिक्षाकर्मियों के बीच हुई वार्ता फेल
आज सुबह से हो रही पंचायत विभाग के एसीएस आरपी मंडल और शिक्षाकर्मियों के बीच बातचीत खत्म हो गयी है. हालांकि बातचीत का कोई सार्थक नतीजा अब तक नहीं निकल पाया है। राज्य सरकार अपने उन्हीं प्रस्तावों पर अड़ी हुई है. जिस पर वो 19 नवंबर को थी.राज्य सरकार की तरफ से एक बार फिर चीफ सिकरेट्री की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया गया। लेकिन किस तारीख तक मांगे पूरी कर दी जायेगी.इस बारे में राज्य सरकार की तरफ से कोई बातें नहीं बतायी गयी लिहाजा अब शिक्षाकर्मी असमंजस में फंसे हैं. कि आखिर हड़ताल को लेकर क्या किया जाये।

हालांकि राज्य सरकार के साथ शिक्षाकर्मियों की संविलियन की मांगों पर तो विचार नहीं किया गया, लेकिन सातवां वेतनमान, वेतन विसंगति और क्रमोन्नत वेतनमान, वर्ग तीन के शिक्षाकर्मी के वेतन विसंगति व भत्ते जैसे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई. शिक्षाकर्मियों की प्रमुख मांग रही संविलियन को राज्य सरकार ने पहले ही ठुकरा दिया था। खुद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दो टूक कह दिया था कि ना तो पहले कभी संविलियन हुआ है और ना अब होगा लिहाजा शिक्षाकर्मियों के पास अब बिना समझौते के और ज्यादा गुंजाइश नहीं बची है इसी बीच यह भी खबर आ रही है की अब शिक्षाकर्मियों अपने प्रमुख समूहों के साथ मिल कर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे है.

लेकिन शिक्षाकर्मियों में हड़ताल को लेकर असमंजस का दौर शुरू हो गया है अब से कुछ देर में शिक्षाकर्मी की एक आपात बैठक रायपुर में शुरू हो गयी है उसी बैठक में शिक्षाकर्मियों की हड़ताल को लेकर आगे निर्णय़ लिया जायेगा। एक बार फिर शिक्षाकर्मियों को कमेटी बनाकर शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर हल करने का आश्वासन दिया गया.जो पहले ही शिक्षाकर्मियों की तरफ से नामंजूर किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में आज की बैठक में फिर से असमंजस की स्थिति बन गयी है.

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