विपक्षी दलों ने उप्र विधानसभा की पत्रकार दीर्घा में पत्रकारों को न बैठने देने का मुद्दा उठाया

विपक्षी दलों ने उप्र विधानसभा की पत्रकार दीर्घा में पत्रकारों को न बैठने देने का मुद्दा उठाया

विपक्षी दलों ने उप्र विधानसभा की पत्रकार दीर्घा में पत्रकारों को न बैठने देने का मुद्दा उठाया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:35 pm IST
Published Date: February 18, 2021 9:58 am IST

लखनऊ, 18 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के बाद विपक्षी दलों ने विधानसभा की पत्रकार दीर्घा में कवरेज के लिए मीडिया को नहीं बैठने देने का मुद्दा उठाया।

इसके जवाब में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल के कारण पत्रकारों के लिए अलग व्यवस्था की गई थी और इस बारे में जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पूछा कि विधानसभा में पत्रकार दीर्घा से पत्रकारों को क्यों दूर रखा गया है और क्या कोविड-19 केवल पत्रकारों को ही प्रभावित करता है, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और नेता विपक्ष को नहीं?

चौधरी की इस बात का समर्थन बहुजन समाज पार्टी के विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता अराधना मिश्रा ने भी किया।

इसपर विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि कोरोना काल में पत्रकारों की सहमति से यह निर्णय लिया गया था कि मीडिया के लिए बैठने की अलग व्यवस्था कर दी जाए और उसी हिसाब से अलग व्यवस्था की गई थी।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने कोई आपत्ति नहीं जताई है।

वर्मा और मिश्रा ने इसपर कहा कि कुछ पत्रकारों को अनुमति दी जानी जाए, जिससे कि वे सदन की कार्यवाही सही ढंग से देखें और उसकी रिपोर्टिंग करें।

विधानसभा अध्यक्ष ने इसके जवाब में कहा कि इसपर कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विचार कर लिया जाएगा।

भाषा जफर मानसी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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