शह मात The Big Debate: सांसदों और अफसरों में ‘लड़ाई’.. सम्मान की दुहाई! बृजमोहन के बाद विजय बघेल ने की शिकायत, जानिए राज्य का मामला आखिर संसद तक क्यों पहुंचा?

सांसदों और अफसरों में 'लड़ाई'.. सम्मान की दुहाई! बृजमोहन के बाद विजय बघेल ने की शिकायत, Vijay Baghel complained against officers after Brijmohan

शह मात The Big Debate: सांसदों और अफसरों में ‘लड़ाई’.. सम्मान की दुहाई! बृजमोहन के बाद विजय बघेल ने की शिकायत, जानिए राज्य का मामला आखिर संसद तक क्यों पहुंचा?
Modified Date: August 7, 2026 / 12:08 am IST
Published Date: August 6, 2026 11:36 pm IST

रायपुरः Vijay Baghel complained against officers छत्तीसगढ़ में इन दिनों सत्तापक्ष के सांसदों की, अफसरों को लेकर की गई शिकायत सुर्खियों में है। कांग्रेस कहती है ये सुबूत है बीजेपी में जमकर अंतर्कलह है तो बीजेपी भी कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कई पिछली घटनाएं याद दिला रही है। क्या ज्यादा कलह है इससे ज्यादा जनता को फिक्र इस बात की है कि, उनके काम क्या अफसरों की अनदेखी की वजह से अटके हैं और तो और क्या अब अफसर उनके चुने हुए जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुनते।

Vijay Baghel complained against officers छत्तीसगढ़ में बीजेपी-कांग्रेस दोनों दल, एक-दूसरे पर पार्टी के भीतर अंतर्कलह के सतह पर आने का हवाला देकर घेर रहे हैं। हाल ही में बीजेपी के 2 सीनियर सांसदों विजय बघेल और बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा सचिवालय को छत्तीसगढ़ में पदस्थ IAS अधिकारी के बर्ताव की शिकायत की, जिसपर लोकसभा सचिवालय ने विभागों और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। वहीं, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भिलाई नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार पांडेय और भिलाई-चरोदा नगर निगम आयुक्त डीएस राजपूत की शिकायत की। सांसदों का आरोप है कि देश-प्रदेश में बीजेपी सरकारें होते हुए भी अधिकारी ना तो जनप्रतिनिधियों के फोन उठाते हैं, न ही मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराते हैं। मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने शिकायत का समर्थन करते हुए, अफसरों को सरकार के नियंत्रण से बाहर बताते हुए तंज कसा। सांसदों की शिकायतों को बीजेपी की अंतर्कलह बताया।

विपक्ष जहां सरकार को ये कह कर घेर रहा है कि छग बीजेपी अंतर्कलह की शिकार है। छग में प्रशासनिक अराजकता का माहौल है तो जवाब में बीजेपी सरकार के मंत्री कांग्रेसियों की एकता और एकजुटता पर कटाक्ष कर रहे हैं कि, कांग्रेस के एक हाथ में पेट्रोल है, तो दूसरे में माचिस, ये कभी एक हो ही नहीं सकते। हम कांग्रेसियों के हाथ में तो महंगी बिजली का बिल है, बेरोजगार युवाओं का दर्द है। कुल मिलाकर बीजेपी और कांग्रेस विरोधी खेमे में अंतर्कलह बताते हुए अगले चुनाव में अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। सवाल ये है कि क्या वाकई पार्टी की डबल इंजन सरकारों में जनता कामों को लेकर अफसर अनदेखी के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की भी अनसुनी करने लगे हैं या ये आरोप केवल सियासी हैं?

ये भी पढ़ें


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।