मॉल की जमीन पर शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती का दावा हाईकोर्ट में खारिज

मॉल की जमीन पर शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती का दावा हाईकोर्ट में खारिज

मॉल की जमीन पर शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती का दावा हाईकोर्ट में खारिज
Modified Date: November 29, 2022 / 08:34 pm IST
Published Date: July 13, 2018 11:27 am IST

जबलपुर। सिविक सेंटर इलाक़े की बेशक़ीमती ज़मीन पर बने समदड़िया मॉल की ज़मीन मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की वह हस्तक्षेप याचिका ख़ारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने ज़मीन पर अपना मालिकाना हक़ जताया था।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि ज़मीन पर शंकराचार्य का कोई दावा जायज़ नही है क्योंकि ज़मीन के जिस खसरे पर दावा जताया जा रहा है वो मॉल की नही बल्कि कोई और ज़मीन है। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद याचिका को आधारहीन पाते हुए उसे ख़ारिज कर दिया।

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बता दें कि सिविक सेंटर स्थित जबलपुर विकास प्राधिकरण की क़ीमती ज़मीन पर विकास के लिए JDA और समदड़िया बिल्डर्स के बीच एक एग्रीमेंट हुआ था लेकिन मॉल बनने के बाद एग्रीमेंट के प्रावधानो को धता बता कर समदड़िया बिल्डर्स इस ज़मीन और मॉल के मालिक बन बैठे और लीज़ डीड अपने नाम करवा ली। इस मामले पर सचिन मिश्रा नाम के एक्टिविस्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में समदड़िया बिल्डर्स की लीज़ निरस्त कर दी थी।

इस आदेश के ख़िलाफ़ बिल्डर ने अपील दायर की है, जिस पर सुनवाई लम्बित रहते समदड़िया बिल्डर्स को हर माह तीन लाख रुपए जेडीए में जमा करवाने होते है। इस बीच स्वामी स्वरूपानंद ने इस ज़मीन पर अपना हक़ जताते हुए ये हस्तक्षेप याचिका दायर की थी लेकिन अब इसे हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है।

वेब डेस्क, IBC24


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