छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक इतिहास में नया अध्याय राजिम कुंभ मेला 2018
छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक इतिहास में नया अध्याय राजिम कुंभ मेला 2018
रायपुर-कल देर रात राजिम के त्रिवेणी संगम पर राजिम कुंभ मेेला 2018 का शुभारंभ किया गया। जिसमे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने समारोह की अध्यक्षता की इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि तीर्थ नगरी राजिम के महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम पर माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक विगत 13 वर्षों से आयोजित हो रहे राजिम कुंभ मेले से छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक इतिहास में नया अध्याय जुड़ गया है इस महत्वपूर्ण आयोजन से छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी है। साथ ही उन्होंने कहा कि साधु-संतों, महात्माओं और महामण्डलेश्वरों के पावन सानिध्य में राजिम कुंभ मेले की शुरूआत हुई है। संत-महात्माओं के आशीर्वाद से राजिम कुंभ मेले की प्रतिष्ठा साल-दर साल बढ़ती जा रही है।
छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक-धार्मिक विरासत को सहेजता राजिम कुंभ कल्प-2018 का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में तथा पूजनीय साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। pic.twitter.com/Rs1LO2pXMK
— Brijmohan Agrawal (@brijmohan_ag) February 1, 2018
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धशाली संस्कृति में राजिम कुंभ की नई परम्परा भी जुड़ गई है। भगवान श्री राम के ननिहाल की इस पावन भूमि की महिमा की भव्यता बढ़ गई है। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मेले में आए सभी साधु-संतों का स्वागत करते हुए कहा कि राजिम कुंभ मेला 13 वे वर्ष में प्रवेश कर गया है। यह हम सबका सौभाग्य है कि शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और साधु-संतों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से राजिम कुंभ मेले का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। मेले के दौरान संगम पर भव्य आरती की जाती है, इससे हरिद्वार और बनारस की गंगा आरती की याद ताजा हो जाती है। धर्मस्व मंत्री ने कहा कि राजिम कुंभ मेले के इतिहास में इस साल दो नये आयाम जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता के नाम पर ढाई लाख दीये जलाये जाएंगे। उसके साथ ही एक साथ एक स्वर में 1500 शंख बजाए जाएंगे। यह अदभुत दृश्य होगा। उन्होंने बताया कि तीन फरवरी को नदियों को बचाने तथा संरक्षित करने मैराथन दौड़ भी होगी।
राजिम कुंभ कल्प 2018 के उद्घाटन समारोह के अवसर पर साधु-संतों को स्मृति चिन्ह भेंट करते छत्तीसगढ़ के धर्मस्व मंत्री @brijmohan_ag
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ के आयोजन से छत्तीसगढ़ का गौरव हर साल बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि राजिम कुंभ में साधु-संतों का आशीर्वाद मिलता है।
राजिम कुंभ कल्प 2018 के दूसरे दिन धुनि तापते पाटेश्वर धाम खालसा के साधु बजरंग दास जी महात्यागी एवं रामसुख दास जी महात्यागी।@brijmohan_ag#RajimKumbh#13Saal#Rajim#Chhattisgarh pic.twitter.com/zpOIfPkUI6
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मंच पर महंत साध्वी प्रज्ञा भारती जी, बालयोगेश्वर रामबालकदास जी महाराज, संतश्री ज्ञानस्वरूपानंद जी महाराज, ब्रम्हचारी इंदूभवानंद जी महाराज, संत युधिष्ठिरलाल महाराज, महामंडलेश्वर गोवर्धनशरण जी, सेम वर्मा जी बालाजीपुरम बैतूल की पावन उपस्थिति रही। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहिले, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, संसदीय सचिव श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष संतोष बाफना, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर साहू, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री अशोक बजाज, विधायक श्री संतोष उपाध्याय, जिला पंचायत गरियाबंद की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता शर्मा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में साधु-संत उपस्थित थे।
WEB TEAM IBC24

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