जबरिया रिटायर किए गए IAS-IPS सहित अन्य अफसरों की बहाली आवेदन पर विचार के लिए कमेटी

जबरिया रिटायर किए गए IAS-IPS सहित अन्य अफसरों की बहाली आवेदन पर विचार के लिए कमेटी

जबरिया रिटायर किए गए IAS-IPS सहित अन्य अफसरों की बहाली आवेदन पर विचार के लिए कमेटी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: April 27, 2018 7:46 am IST

 रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में  शुक्रवार को मंत्रिपरिषद की बैठक  मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई। इसमें जबरिया रिटायर किए गए आईएएस-आईपीएस और अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों के पुनर्विचार आवेदन पर विचार के लिए समिति का गठन करने का फैसला लिया गया है। ऐसे आवेदनों पर पुनर्विचार के लिए तीन स्तर पर कमेटी बनाई गई है। पुलिस विभाग, क्लास वन और टू ग्रेड के अफसर सहित अन्य शासकीय कर्मचारियों के मामले अलग-अलग समिति विचार करेगी।

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छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। शासकीय सेवकों के लिए 50 साल की आयु और 20 वर्ष की सेवा पूरा करने के बाद अनिवार्य सेवा निवृत्ति के आदेश के खिलाफ अभ्यावेदन का मौका देने के लिए परिपत्र जारी किया गया है। विभागाघ्यक्षों से प्राप्त अभ्यावेदन पर प्राप्त आवेदनों पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव और विधि विभाग के प्रमुख सचिव सदस्य होंगे। प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अफसरों के आवेदन पर विचार के लिए मुख्य सचिव द्वारा नामित अपर मुख्य सचिव अध्यक्ष होंगे। समिति में संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव सदस्य होंगे और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।

इसी तरह तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के आवेदन पर विचार के लिए जीएडी के सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इस समिति में प्रशासकीय विभाग के सचिव सदस्य तथा विभाग अध्यक्ष सदस्य-सह संयोजक होंगे।

उल्लेखनीय है कि साल 1988 बैच के आईएएस रहे बाबूलाल अग्रवाल को कैट (सेन्‍ट्रल एडमिनिस्‍ट्रेटिव ट्रिब्‍यूनल) की दो सदस्यीय बैंच ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के फैसले को गलत बताते हुए आईएएस अग्रवाल की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश रद्द कर दिया था। इसके अलावा कई अफसरों को कैट से राहत मिली थी। उसके बाद इन अधिकारियों ने राज्य शासन के समक्ष पुनर्विचार याचिका लगाई थी। इन आवेदनों पर फैसले के लिए सरकार ने कमेटी का गठन किया है।

 

 

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