शिवसेना कार्यकर्ता ने गुस्से में आकर किया ट्वीट : मुंबई महापौर ने विवाद पर कहा

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शिवसेना कार्यकर्ता ने गुस्से में आकर किया ट्वीट : मुंबई महापौर ने विवाद पर कहा

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  • Publish Date - June 3, 2021 / 03:05 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:06 PM IST

मुंबई, तीन जून (भाषा) मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवाद पैदा करने वाले उनके टि्वटर हैंडल से किया गया ट्वीट शिवसेना के एक कार्यकर्ता ने ‘‘गुस्से में आकर’’ पोस्ट किया था।

हालांकि भाजपा ने पेडनेकर को इस ट्वीट के लिए माफी मांगने को कहा है।

शिवसेना नेता पेडनेकर ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जब वह बुधवार को यहां बांद्रा-कुर्ला परिसर में एक कार्यक्रम में भाग ले रही थी तो उनका मोबाइल फोन पार्टी के एक कार्यकर्ता के पास था जिसने ट्वीट कर दिया।

महापौर ने कहा कि जब उन्होंने वापस फोन लिया तो तुरंत ट्वीट डिलीट कर दिया।

दरअसल, बुधवार को उस समय विवाद पैदा हो गया था जब एक टि्वटर उपयोगकर्ता ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कोविड-19 रोधी टीके की आपूर्ति के वैश्विक अनुबंध की स्थिति के बारे में महापौर से सवाल पूछा।

टि्वटर उपयोगकर्ता ने पूछा कि ‘‘कॉन्ट्रैक्ट किन्हें दिया गया?’’, तो इस पर पेडनेकर ने जवाब दिया, ‘‘तुम्हारे बाप को।’’

पेडनेकर ने बाद में आपत्तिजनक ट्वीट डिलीट कर दिया लेकिन तब तक वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि शिवसेना कार्यकर्ता ने ‘‘गुस्से में आकर’’ ट्वीट कर दिया लेकिन उन्होंने अपना फोन वापस मिलने के फौरन बाद इसे डिलीट कर दिया और कार्यकर्ता को ऐसी हरकत करने के खिलाफ आगाह भी किया।

पेडनेकर ने कहा, ‘‘मैंने इससे सीख ली है कि मोबाइल फोन किसी को भी नहीं देना चाहिए चाहे वह आपके बहुत करीबी क्यों न हो।’’

इस ट्वीट के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने महापौर की आलोचना की।

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने बृहस्पतिवार को इस ट्वीट को लेकर पेडनेकर को माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा, ” मैं बृह्नमुंबई महानगरपालिका, शिवसेना और मुंबई की महापौर से यह स्पष्ट करने का आग्रह करता हूं कि क्या यह वास्तव में महापौर की प्रतिक्रिया थी।”

पूर्व सांसद ने कहा कि महापौर को इस संबंध में माफी मांगनी चाहिए। साउथ मुंबई के लोअर परेल की तीन बार की पार्षद 2019 में शहर की 77वीं महापौर निर्वाचित हुईं। वह शिवसेना की प्रवक्ताओं में से भी एक हैं। महामारी के बीच नागरिकों ने इस बात के लिए महापौर की तारीफ की है कि वह बिना अपनी जान की परवाह किए अस्पतालों और देखभाल केंद्रों का दौरा करती रहीं हैं।

भाषा स्नेहा उमा

उमा