Share Market 09 March 2026: कच्चा तेल 100 डॉलर के पार… गिफ्ट निफ्टी के संकेत से क्यों बढ़ी बेचैनी? क्या खुलते ही बाजार में मचने वाली है बड़ी हलचल?
Share Market 09 March 2026: ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से वैश्विक शेयर बाजारों में भारी घबराहट दिखी। गिफ्ट निफ्टी करीब 700 अंक नीचे है, एशियाई बाजारों में 7% तक गिरावट आई। डाओ फ्यूचर्स 900 अंक टूटा, जबकि शुक्रवार को अमेरिकी सूचकांक भी करीब 1.5% गिरे।
(Share Market 09 March 2026/ Image Credit: Pexels)
- ब्रेंट क्रूड $109 के पार, 3.5 साल की ऊंचाई।
- एक दिन में 18% उछाल, 7 दिन में 56% तेजी।
- एशियाई बाजारों में 7% तक गिरावट।
नई दिल्ली: Share Market 09 March 2026 in India मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल सप्लाई बाधित होने और यूएई व कुवैत के उत्पादन में कमी की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड में जबरदस्त उछाल आ गया। एक ही दिन में कच्चे तेल की कीमत करीब 18% तक बढ़ गई और ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। इससे तेल की कीमतें करीब साढ़े तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। पिछले सात दिनों में ही क्रूड के दाम लगभग 56% तक उछल चुके हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई अनिश्चितता (Tension in Middle East)
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की बेचैनी को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की कीमतों में तेजी को लेकर कहा कि अगर इसे ईरान के साथ चल रहे युद्ध के संदर्भ में देखा जाए तो यह बहुत छोटी कीमत है। उधर ईरान में अली खामेनेई के बाद मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने की खबर ने भी संकेत दिया कि तेहरान में कट्टरपंथी नेतृत्व मजबूत बना हुआ है। इससे मिडिल ईस्ट में संघर्ष जल्द खत्म होने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।
शेयर बाजारों में भारी गिरावट (Fall in Stock Markets)
तेल की कीमतों में उछाल और जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण दुनिया भर के शेयर बाजार दबाव में आ गए हैं। एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 करीब 7% तक टूट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी लगभग 7.5% तक फिसल गया। इससे पूरे एशिया में बड़े पैमाने पर बिकवाली का माहौल बन गया है।
अमेरिकी बाजारों में भी दबाव (US Markets Fall)
मिडिल ईस्ट के तनाव और तेल की तेजी का असर अमेरिकी बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख इंडेक्स शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 0.95% गिरकर 47,501 अंक पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 इंडेक्स 1.33% और नैस्डैक कंपोजिट लगभग 1.59% की गिरावट के साथ बंद हुए। जॉब मार्केट में कमजोरी और तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार विशेषज्ञों की राय (Opinion of Market Experts)
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर खासतौर पर मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम और तेल सप्लाई से जुड़े जोखिमों पर रहेगी। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के एक्सपर्ट के अनुसार तेल उत्पादन वाले क्षेत्रों पर हमले या सप्लाई में रुकावट जैसी अचानक घटनाएं बाजार पर बड़ा असर डाल सकती हैं।
गिफ्ट निफ्टी में गिरावट (Gift Nifty Declines)
ग्लोबल संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखने लगा है। गिफ्ट निफ्टी करीब 700 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया, जिससे घरेलू बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा डाओ फ्यूचर्स भी 900 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। इन संकेतों से स्पष्ट है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और बाजार में सतर्कता बढ़ गई है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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