अखिलेश ने ‘पीडीए’ अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने का आरोप लगाया

अखिलेश ने ‘पीडीए’ अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने का आरोप लगाया

अखिलेश ने ‘पीडीए’ अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने का आरोप लगाया
Modified Date: September 21, 2026 / 05:40 pm IST
Published Date: September 21, 2026 5:40 pm IST

लखनऊ, 21 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समुदायों से जुड़े अधिकारियों को चुन-चुनकर चुनाव ड्यूटी से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा जल्द ऐसे मामलों की सूची तैयार कर निर्वाचन आयोग के समक्ष शिकायत करेगी।

अखिलेश ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पीडीए समुदायों से जुड़े अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है और उन्हें सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) जैसे पदों तथा चुनाव ड्यूटी एवं प्रशासनिक कार्यों से हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “हम ऐसे मामलों की सूची तैयार करेंगे और आपके सामने लाएंगे। हम निर्वाचन आयोग से भी इसकी शिकायत करेंगे। वे पीडीए समुदायों से जुड़े अधिकारियों को चिह्नित कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनमें से एक भी अधिकारी चुनाव से जुड़े काम न करे।”

सपा प्रमुख ने कहा, “जो लोग एआरओ बनते हैं और चुनाव से संबंधित काम देखते हैं.. उनमें आप पीडीए से जुड़ा एक भी व्यक्ति पाएं, तो हमें बताएं।”

अखिलेश ने बूथ स्तर के उन अधिकारियों (बीएलओ) के विवरण न होने पर भी सवाल उठाया, जिनसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उत्तर प्रदेश के अपने हालिया दौरे के दौरान मुलाकात की थी। उन्होंने ईवीएम के निरीक्षण में शामिल इंजीनियर के विवरण के बारे में भी पूछा।

अखिलेश ने कहा, “मैंने आपको बताया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त आए थे। उन्होंने जिन बीएलओ से मुलाकात की, उनकी सूची कहां हैं। उन्होंने जिनके साथ चर्चा की, उनकी सूची कहां है। ईवीएम का निरीक्षण करने वाले इंजीनियर की सूची कहां है। न तो आपके पास सूची है और न ही हमारे पास।”

उन्होंने कहा, “जिस दिन चुनाव की तारीखें घोषित होंगी, भाजपा हार जाएगी, क्योंकि उसकी फिल्म रिलीज होने से पहले ही फ्लॉप हो गई है।”

यह पूछे जाने पर क्या सपा की सरकार गौशालाओं के लिए बेहतर काम करेगी, अखिलेश ने कहा, “हमने सदियों से गायों की सेवा की है। हमारे लोग पीढ़ियों से उनकी सेवा करते आए हैं।”

महिलाओं के लिए प्रस्तावित वित्तीय सहायता योजना पर अखिलेश ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है, तो इसकी राशि दोगुनी करके दो लाख रुपये की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सपा ने पूर्व में इस योजना के तहत 40,000 रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय किया था, जबकि भाजपा करीब 50,000 रुपये के बारे में बात कर रही है और बाद में इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है।

अखिलेश ने पार्टी की पीडीए ऑडिट रिपोर्ट की भी चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि करीब 11,000 पदों पर नियुक्तियों में अनियमितताएं हुईं।

उन्होंने आरोप लगाया, “इस ऑडिट रिपोर्ट के एक भी पन्ने का भाजपा सरकार ने जवाब नहीं दिया है। आउटसोर्सिंग कंपनियों का इस्तेमाल भ्रष्टाचार के लिए किया जा रहा है और कर्मचारियों को कम अवधि के अनुबंध पर काम दिए जा रहे हैं।”

अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बीआर आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और उनकी पार्टी ने ऐसे 151 मामलों की रिपोर्ट तैयार की है।

उत्तर प्रदेश के विभाजन की मांग का सपा प्रमुख ने यह कहते हुए विरोध किया कि जो लोग देश को बांटने की बात कर रहे हैं, वही राज्य को भी बांटने की बात कर रहे हैं।

भाषा

अभिनव राजेंद्र पारुल

पारुल


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