अखिलेश ने ‘कयामत’ वाले बयान को लेकर आदित्यनाथ पर साधा निशाना

अखिलेश ने 'कयामत' वाले बयान को लेकर आदित्यनाथ पर साधा निशाना

अखिलेश ने ‘कयामत’ वाले बयान को लेकर आदित्यनाथ पर साधा निशाना
Modified Date: February 11, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: February 11, 2026 8:31 pm IST

लखनऊ, 11 फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बाबरी मस्जिद के बारे में ‘कयामत’ वाले बयान को लेकर निशाना साधा और कहा कि जो मुख्यमंत्री उर्दू का विरोध करते हैं, उन्हें राजनीतिक बयानों के लिए इस भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा था कि कयामत का दिन कभी नहीं आने वाला है इसलिए बाबरी ढांचे का फिर से निर्माण भी कभी नहीं होगा।

यादव ने विधानसभा में राज्य का बजट पेश होने के तुरंत बाद एक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘उर्दू का विरोध करने वाले मुख्यमंत्री को कयामत जैसे उर्दू शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वह उर्दू के खिलाफ उर्दू में ही बोल रहे हैं।’

यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘वह कहते हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर 10वीं बार बजट पेश किया है। क्या वह वाकई योगी हैं? अगर आप गीता या आध्यात्मिक ग्रंथों को देखें, तो पता चलेगा कि असल में योगी कौन है। वह योगी नहीं हैं; वह गलत जगह आ गए हैं।’

सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा ‘जब भी वह अपना मुंह खोलते हैं, बुरा बोलते हैं।’

यादव ने आदित्यनाथ के पिछले बयानों की सूची भी पढ़ी। मुख्यमंत्री के इस बयान पर कि अगर सनातन धर्म कमजोर होगा तो देश कमजोर होगा, यादव ने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हाल में हुई एक घटना का हवाला दिया और आरोप लगाया कि एक शंकराचार्य को गंगा में डुबकी लगाने की इजाजत नहीं दी गई थी।

उन्होंने कहा, ‘जो कोई भी एक पूजनीय शंकराचार्य को पुरानी परंपराओं का पालन करने से रोकता है वह सच्चा सनातनी नहीं हो सकता।’

मुख्यमंत्री पर माफिया तत्वों के खिलाफ पसंद के आधार पर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा, ‘वह कहते हैं कि वह माफिया के खिलाफ बुलेट ट्रेन की स्पीड से कार्रवाई करेंगे, लेकिन जब उनके अपने लोगों की बात आती है तो बुलेट ट्रेन पर ब्रेक लग जाता है।’

उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां आदित्यनाथ ने उर्दू भाषा की आलोचना करने के बावजूद उर्दू के शब्दों का इस्तेमाल किया।

यादव ने अपनी प्रेस वार्ता साल 1967 की फिल्म ‘बहू बेगम’ के गाने ‘हम इंतजार करेंगे तेरा कयामत तक, खुदा करे कि कयामत हो और तू आए…’ के प्रदर्शन के साथ खत्म की।

भाषा सलीम नोमान

नोमान


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