अलीगढ़ के आरटीओ के निलंबन पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रोक लगाई

अलीगढ़ के आरटीओ के निलंबन पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रोक लगाई

अलीगढ़ के आरटीओ के निलंबन पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रोक लगाई
Modified Date: March 23, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: March 23, 2026 10:31 pm IST

लखनऊ, 23 मार्च (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक स्कूल बस दुर्घटना के मामले में निलंबित किये गये अलीगढ़ के संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के निलंबन पर सोमवार को रोक लगा दी।

इस दुर्घटना में एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी।

अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 20 अप्रैल निर्धारित की।

न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने आरटीओ वंदना की रिट याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया। आरटीओ ने एक मार्च, 2026 को जारी निलंबन के आदेश के चुनौती देते हुए यह रिट याचिका दायर की थी।

अट्ठाईस फरवरी, 2026 को हुई इस दुर्घटना के बाद एक विभागीय जांच के उपरांत निलंबन का आदेश जारी किया गया था। स्कूल बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी।

याचिकाकर्ता के वकील गौरव मेहरोत्रा ने दलील दी कि यद्यपि वह दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी लेकिन आरटीओ की इसमें प्रत्यक्ष तौर पर कोई भूमिका नहीं थी। मेहरोत्रा ने अदालत से कहा था कि वाहन का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी नामित निरीक्षण अधिकारियों की थी न कि आरटीओ की।

अदालत ने निलंबन के आदेश पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ विभागीय जांच जारी रखने पर कोई रोक नहीं होगी।

भाषा सं राजेंद्र

राजकुमार

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