राज्य की भाजपा सरकार अमेठी के साथ कर रही भेदभाव: किशोरी लाल शर्मा
राज्य की भाजपा सरकार अमेठी के साथ कर रही भेदभाव: किशोरी लाल शर्मा
अमेठी, 20 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोरी लाल शर्मा ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उनके संसदीय क्षेत्र के साथ भेदभाव कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि पूर्व में तमाम संस्थानो को यहां से हटाने के बाद अब सेना भर्ती कार्यालय (बीआरओ) को हटाने का प्रयास किया जा रहा है और इस मामले को उन्होंने सदन में भी उठाया है।
अमेठी के दौरे पर आये किशोरी लाल शर्मा ने शुक्रवार को गौरीगंज में आयोजित दिव्यांग शिविर में हिस्सा लेने के पत्रकारों से कहा कि पूर्व में अमेठी से मेगा फूड पार्क, नेशनल पेपर मिल, राजीव गांधी सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान सहित तमाम संस्थाओं को हटा दिया गया और अब सेना भर्ती कार्यालय (बीआरओ) को अयोध्या स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस मामले का विरोध कर रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस सिलसिले में उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी पत्र लिखा है, सदन में भी इस मामले को उठाया है और वह इस मुद्दे को लेकर शीघ्र ही रक्षा मंत्री से मुलाकात करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि इसके लिए पार्टी आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेगी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से कार्यालय को अमेठी में ही रखने की मांग करेंगे।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के प्रति भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा दिए गए बयान पर शर्मा ने कहा कि कंगना को यह समझना चाहिए कि यह अभिनय का क्षेत्र नहीं बल्कि राजनीति का मैदान है और यहां पढ़कर आना चाहिए।
सांसद ने गैस की किल्लत और मारामारी के सवाल पर कहा कि आज पूरा देश रसोई गैस की कमी से जूझ रहा है और सरकार द्वारा इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
उन्होंने अमेठी वासियों को चैत्र नवरात्र और ईद की बधाई दी।
इस बीच कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि सांसद शर्मा की पहल पर आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क दिव्यांग सहायतार्थ शिविर में एक हजार जरूरतमंदों को कृत्रिम उपकरण बांटे गए।
सिंह ने कहा कि इस व्यापक अभियान के तहत अमेठी संसदीय क्षेत्र के 1000 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र (कान मशीन), बैसाखी, छड़ी एवं कृत्रिम हाथ-पैर प्रमुख रूप से शामिल रहे।
भाषा सं. आनन्द रवि कांत जितेंद्र
जितेंद्र

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