विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता: योगी आदित्यनाथ

विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता: योगी आदित्यनाथ

विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता: योगी आदित्यनाथ
Modified Date: January 12, 2026 / 09:57 pm IST
Published Date: January 12, 2026 9:57 pm IST

लखनऊ, 12 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि ढांचागत विकास प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है लेकिन यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों को काटा जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधारोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जिलावार समीक्षा करते हुए एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करें और जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लंबित हो, उसे मुख्य सचिव की सोमवार की समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर उसका समयबद्ध निस्तारण किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब ना हो और निर्णय जल्दी से लिए जा सकें।

भूमि अधिग्रहण से संबंधित विषयों पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर ना मिले ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं इसलिए सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।

भाषा राजेंद्र सिम्मी

सिम्मी


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