आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय : योगी आदित्यनाथ

आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय : योगी आदित्यनाथ

आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: June 25, 2026 / 05:48 pm IST
Published Date: June 25, 2026 5:48 pm IST

लखनऊ, 25 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर आपातकाल के दौरान ‘लोकतंत्र का गला घोंटने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि आपातकाल लागू करना ‘‘केवल भारत के लोकतंत्र पर हमला नहीं था; यह बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के सपनों पर सीधा हमला था।”

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए आपातकाल लगाने का पाप किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘आज पूरा देश 25 जून 1975 का काला दिन याद कर रहा है, जब कांग्रेस ने देश के लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया था। सत्ता में बने रहने और अदालत के आदेश लागू न होने देने के लिए इंदिरा गांधी ने नागरिकों के अधिकार छीनने का प्रयास किया। कांग्रेस का यह पाप लोकतंत्र और बाबा साहेब के सपनों पर सीधा प्रहार था। लालू प्रसाद व मुलायम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी कांग्रेस का चाबुक भूलकर उसी के साये में राजनीति कर रही है।’’

मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को आपातकाल की 51वीं बरसी ‘संविधान हत्या दिवस’ पर लखनऊ में आयोजित ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के समर्थक राजनीतिक दलों, जनसामान्य व मीडिया से जुड़े सभी लोगों की आवाज को दबाया। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा क्या था कि कांग्रेस को आपातकाल थोपना पड़ा, एक ही निष्कर्ष निकलता है कि कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए यह पाप किया और इस पाप को छिपाए रखने के लिए नौजवानों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व सामाजिक संगठनों की आवाज को दबाने की चेष्टा की।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान न्यायपालिका के अधिकार सीमित कर दिए गए, मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यही नहीं, रात के अंधेरे में भारत के संविधान की प्रस्तावना भी बदल दी गई।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिये बिना निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह काम उसी कांग्रेस ने किया, जिसके युवराज आज संविधान की प्रति लेकर देशवासियों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। इनका दोहरा चरित्र वर्तमान पीढ़ी को पता होना चाहिए। इसीलिए 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ आयोजित करके पूरे देश व नौजवान पीढ़ी को इससे अवगत कराने का प्रयास हो रहा है।’’

उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के अत्याचार से आमजन व राजनीतिक दलों के नेता कराह रहे थे, लोकतंत्र के समर्थन में जेल जा रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे ही नेताओं लालू प्रसाद व मुलयाम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी आज उसी कांग्रेस के साये में अपनी राजनीति करती दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस जब भी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का प्रयास करती थी, मुलायम उसका विरोध करते थे। वह कहते थे कि कुछ भी हो, कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए। लेकिन उनके उत्तराधिकारी कांग्रेस के डूबते जहाज पर सवार होकर मुलायम सिंह की विरासत भी डुबोने पर उतारू हैं। ये लोग आज भी एक साथ होकर लोकतंत्र को कमजोर करने और परिवारवाद की राजनीति को प्रोत्साहित करने के लिए संवैधानिक मान्यताओं के विपरीत आचरण करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ही नहीं, सबसे प्राचीन लोकतंत्र भी है, भारत लोकतंत्र की जननी भी है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जब दुनिया लोकतंत्र के बारे में नहीं जानती थी, तब भारत के तमाम गांवों व क्षेत्रों में लोकतंत्र स्थापित था, यह भारत के डीएनए में है। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के लिए शासन की योजनाओं का बनना ही लोकतंत्र का आधार है।’’

उन्होंने ने कहा कि 4 करोड़ गरीबों को आवास, 12 करोड़ गरीबों के घर में शौचालय, 10 करोड़ गरीबों के घर में रसोई गैस, 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा, 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से उभरना, ये सभी कार्य भारत के पुष्ट लोकतंत्र को प्रदर्शित करते हैं।

उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र पुष्ट हो रहा है तो दूसरी तरफ स्वार्थ के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस द्वारा आज भी उसी प्रकार के प्रयास किए जाते हैं जिससे सबको सजग रहना चाहिए।

भाषा जफर अमित

अमित


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